‘हमरी-तुमरी’ में उलझी कांग्रेस! इंटरव्यू के दौरान नेताओं में झड़प, बैठक में हाथापाई की नौबत

Maharashtra Politics: नागपुर जिले की नगर परिषद चुनाव प्रक्रिया में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं। 11 स्थानों से एक भी इच्छुक उम्मीदवार नहीं आया। बैठक में जमकर विवाद गरमाया।
Maharashtra Politics: नागपुर जिले की नगर परिषद चुनाव प्रक्रिया में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं। 11 स्थानों से एक भी इच्छुक उम्मीदवार नहीं आया। बैठक में जमकर विवाद गरमाया।
नागपुर न्यूज
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Congress Candidate List: नागपुर जिले की नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए बुधवार को हुई कांग्रेस की चयन प्रक्रिया में 11 स्थानों से एक भी इच्छुक उम्मीदवार नहीं आया। प्रमुख राजनीतिक दल होने के बावजूद किसी भी इच्छुक के इंटरव्यू के लिए न आने से हैरानी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बार-बार इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने से कई इच्छुक नाराज हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने 7 नवंबर को हुई बैठक को अमान्य घोषित करने के बाद 12 नवंबर को आधिकारिक बैठक बुलाने और चयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत कलमेश्वर, सावनेर, मोहपा, खापा, पारशिवनी, भिवापुर, काटोल, नरखेड़, वानाडोंगरी, निलडोह और डिगडोह (देवी) से कोई भी इच्छुक इंटरव्यू देने नहीं पहुंचा।

16 को उम्मीदवारों की लिस्ट

जिला कांग्रेस ने 16 नवंबर को नगराध्यक्ष पदों के उम्मीदवारों की घोषणा करने की जानकारी दी। 11 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस से पत्र मिलने के बाद जिला कांग्रेस ने सभी इच्छुकों को बुलाया था। गणेशपेठ स्थित कार्यालय में सुबह 10.30 बजे से इंटरव्यू लिए गए। इस दौरान जिला पर्यवेक्षक पूर्व विधायक प्रो. वीरेन्द्र जगताप, विधानसभा पर्यवेक्षक तातू देशमुख, अभ्युदय मेघे, जिलाध्यक्ष अश्विन बैस, नाना गावंडे, बाबा आष्टनकर, कुंदा राऊत, अवंतिका लेकुरवाले, शकूर नागाणी, रमण चौधरी, मुजीब पठान, नाना कंभाले, मिथिलेश कन्हेरे, तुलसीराम कालमेघ, सतीश अढाऊ और राहुल घरडे उपस्थित थे। कुल 70 इच्छुकों ने इंटरव्यू में भाग लिया। इनमें कामठी से सबसे अधिक 13, वाड़ी से 3, बूटीबोरी से 4, मौदा से 4, बिडगांव तरोडी से 1 और रामटेक से 1 उम्मीदवार शामिल थे।

2 दिसंबर को होना है मतदान

जिले की 15 नगर परिषदों और 12 नगर पंचायतों के लिए 2 दिसंबर को मतदान होगा। इसके लिए 17 नवंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। नामांकन प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू होने के बावजूद बैठकों, इंटरव्यू और आश्वासनों का सिलसिला जारी है, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति है। साथ ही नेताओं के बीच मतभेद के कारण कई स्थानों पर असंतोष भी देखा जा रहा है।

भोयर-मूलक मुंबई में, केदार अनुपस्थित

बुधवार को हुई आधिकारिक बैठक में पूर्व मंत्री सुनील केदार की अनुपस्थिति खास चर्चा का विषय रही। वहीं प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजेंद्र मूलक और सुरेश भोयर बैठक के सिलसिले में मुंबई गए हुए थे। प्रदेश कांग्रेस ने इस बैठक को अधिकृत कर शिष्टाचारपूर्वक चयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे।

रमण चौधरी-मुजीब पठान में ‘हमरी-तुमरी’

बैठक के दौरान बूटीबोरी की उम्मीदवारी को लेकर रमण चौधरी और मुजीब पठान के बीच तीखी बहस हो गई। अध्यक्ष के एक का आवेदन स्वीकार करने पर दूसरे ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद बढ़ गया। दोनों में जुबानी बहस के बाद मामला हाथापाई की नौबत तक पहुंच गया। बाद में प्रो. वीरेंद्र जगताप और नाना गावंडे ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। बताया जा रहा है कि बूटीबोरी में भाजपा के दो गुट हैं, जिनमें से एक गुट के साथ कांग्रेस चुनाव लड़ना चाहती है जबकि कांग्रेस के ही दूसरे गुट ने इसका विरोध किया है।

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