वर्धा रोड की बदलेगी सूरत! जेल की जमीन पर बनेंगे IT टावर और कॉर्पोरेट ऑफिस, PPP मॉडल पर मास्टर प्लान तैयार
Nagpur Business District: नागपुर की ऐतिहासिक सेंट्रल जेल की 118 एकड़ जमीन पर सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट विकसित होगा। एमएसआईडीसी पीपीपी मॉडल पर मेडिकल हब है।
- Written By: अंकिता पटेल
वर्धा रोड, पीपीपी मॉडल (सोर्सः AI डिजाइन फोटो)
Nagpur Central Jail Redevelopment: नागपुर वर्धा रोड स्थित ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक नागपुर सेंट्रल जेल की 118 एकड़ भूमि पर ‘सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट’ साकार किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इसके तहत महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआईडीसी) इसका मास्टर प्लान बनाने में जुट गया है।
इसके लिए कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। मास्टर प्लान बनवाने के बाद एमएसआईडीसी इस परियोजना का पूरा खाका राज्य सरकार के समक्ष रखेगी। यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि शहर के बीच यह अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट साबित होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परियोजना के तहत सेंट्रल जेल की भूमि पर कॉर्पोरेट इमारतें बनेंगी। साथ ही इंटीग्रेटेड सिटी जैसा ढांचा तैयार होगा। इसमें आधुनिक बिजनेस व आईटी टावर बनाए जाएंगे लेकिन एमएसआईडीसी के अनुसार प्रमुख रूप से इसे मेडिकल हब का स्वरूप मिलेगा। इसे फार्मा सिटी के रूप में भी देखा जाएगा।
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यहां मेडिकल क्षेत्र के ढांचागत मॉडल को मजबूती से विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के विकसित होने से शहर के भीतर बड़े
पैमाने पर निजी निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों के नए अवसर पैदा हो सकेंगे। संभवतः अगले महीने एमएसआईडीसी इसके मास्टर प्लान के लिए काम शुरू कर देगी।
अभी परियोजना शुरुआती चरण में
अभी यह इस परियोजन का शुरुआती चरण है। इसका मास्टर प्लान बनाने के लिए जल्द ही कंसलटेंट नियुक्त किया जाएगा। सेंट्रल जेल की इमारतों को हेरिटेज के रूप में सहेजा जाएगा जेल की बहुत सारी चीजें जो जहां पर हैं वहीं पर रखी जाएंगी।
इसके अलावा जेल की भूमि पर यह परियोजना विकसित होगी। इसमें प्रमुख रूप से मेडिकल हब साकार होगा, फार्मा सिटी तैयार होगी। इसी के साथ यहां पब्लिक एमिनिटीज विकसित की जाएगी। खाका तैयार कर सरकार के पास मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
-एमएसआईडीसी, अधीक्षक अभियंता, नरेश बोरकर
इस परियोजना के तहत परिसर के अंदर 118 एकड़ के दायरे में एक बड़ा सेंट्रल पार्क विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही जेल की ऐतिहासिक संरचनाओं, इमारतों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें ‘एडॉप्टिव स्यूिज’ नीति के तहत म्यूजियम व कल्चरल सेंटर के रूप में सहेजा जाएगा।
मेट्रो और रेलवे से सीधी कनेक्टिविटी
राज्य सरकार का यह प्रोजेक्ट नागपुर शहर की कनेक्टिविटी का बेहतरीन उदाहरण भी बनेगा। चूंकी यह स्थल कांग्रेस नगर व राहटे कॉलोनी मेट्रो स्टेशन और अजनी रेलवे स्टेशन के बिल्कुल करीब स्थित होने से यहां आने-जाने वाले लोगों को सीधे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी और शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम रहेगा।
विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं होंगी
- फार्मा सेक्टर के साथ साथ अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रिसर्च सेंटर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित होगी।
- कॉर्पोरेट व कमर्शियल टावर राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए ए-ग्रेड ऑफिस स्पेस, आईटी पार्क और आधुनिक बिजनेस कॉम्प्लेक्स बनेंगे।
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- प्रीमियम शॉपिंग मॉल, रिटेल आउटलेट्स, 5-स्टार होटल, मल्टीप्लेक्स और व्यवस्थित आवासीय परिसर।
- स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिटी सेंटर, क्लब हाउस और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं भी विकसित होगी।
- भीतर पर्यावरण संतुलन और हरियाली बनाए रखने के लिए विशाल सेंट्रल पार्क और वॉकवे (पैदल चलने का रास्ता) विकसित किए जाएंगे।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से रियाज अहमद की रिपोर्ट
