राहत की जगह आफत बना सब-वे: बारिश के पानी से लबालब भरा भानखेड़ा अंडरपास, हादसों की आशंका से नागरिक चिंतित

Bhankheda Subway Project: नागपुर के भानखेड़ा-लष्करीबाग अंडरपास का निर्माण 5 साल बाद भी अधूरा है। बारिश के पानी से सब-वे लबालब भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों ने बड़े हादसे की आशंका जताई है।
Subway turns into a hazard instead of a relief: Bhankheda underpass filled to the brim with rainwater
बारिश के पानी से भरा भानखेड़ा अंडरपाससोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो
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Nagpur Bhankheda Underpass Delay: नागपुर भानखेड़ा-लष्करीबाग अंडरपास सब-वे का सपना स्थानीय लोगों के लिए राहत का रास्ता बनना था। सब-वे से लोगों को अंतिम संस्कार के लिए लंबा चक्कर लगाने से मुक्ति मिलने की उम्मीद थी लेकिन अब इसकी चिंताजनक हालत ने हादसों का कारण बनने की आशंका पैदा कर दी है। इससे स्थानीय नागरिक भी चिंतित हैं।

इस काम के लिए वर्ष 2021 में वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया था लेकिन अब भी यह प्रोजेक्ट अधूरा ही है। मौजूदा तस्वीर यह है कि पिछले 2 महीने से बंद पड़े निर्माण कार्य के बीच अंडरपास बारिश के पानी से लबालब भर गया है। काम छोड़कर गायब हो चुके ठेकेदार और महारेल की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि सूत्रों के अनुसार पिछले 5 वर्षों में करीब 5 बार महारेल ने संबंधित ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए समय सीमा बढ़ाई है।

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5 साल बाद भी अधूरा सब-वे, नागरिकों में बढ़ी नाराजगी

इसके बावजूद निर्माण कार्य तय समय पर पूरा नहीं हो सका। ऐसे में स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महारेल द्वारा अप्रैल 2021 में भानखेड़ा-लष्करीबाग सब-वे निर्माण का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। यह परियोजना कड़बी चौक-मोमिनपुरा फ्लाईओवर के हिस्से के रूप में प्रस्तावित की गई थी और दोनों कार्यों को समानांतर रूप से पूरा किया जाना था। इसका मुख्य उद्देश्य भानखेड़ा क्षेत्र के लोगों को रेल पटरी पार किए बिना सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना था।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार इस मार्ग के अभाव में अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए लंबा फेरा लगाना पड़ता है। नागरिकों की लंबे समय से की जा रही मांग को ध्यान में रखते हुए इस समस्या के समाधान के लिए अंडरपास का निर्माण शुरू किया गया था लेकिन 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं किया जा सका है।

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मार्ग कीचड़ में तब्दील, आवाजाही कठिन

भानखेड़ा में सब-वै अंडरपास का काम अधूरा होने से यहां के मार्ग की हालत भी खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह- जगह कीचड़ पड़ा है। इस कारण स्थानीय नागरिकों के लिए एक से दूसरी बस्ती में पहुंचना कठिन हो गया है।

अंडरपास में पानी भरा हुआ है, जबकि आसपास इलेवट्रिक के पोल हैं। ऐसे में हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जबकि पास में ही लाइब्रेरी, शाला, समाज भवन है। खुला परिसर होने से बच्चे पास में ही खेलकूद करते हैं। ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो क्या महारेल इसकी जिम्मेदारी लेगा।

महारेल पर उठ रहे सवाल

  • ऐसे में महारेल की कार्यप्रणाली पर कई गभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • आखिर 5 साल में भी सब-वे का निर्माण पूरा क्यों नहीं हुआ?

  • ठेकेदार पीवीआर पिछले 2 महीनों से कहां है?

  • और महारेल इस मामले में कोई स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रहा है।

  • सवाल यह भी है कि जलभराव की स्थिति में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए है।

  • और काम पूरा नहीं होने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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