

Nagpur Suicide Attempt Prevented: नागपुर शहर में अंबाझरी तालाब पर शुक्रवार सुबह एक बड़ी घटना टल गई, जब आत्महत्या की नीयत से पहुंचीं मां-बेटी को पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते सुरक्षित बचा लिया गया।
इस सराहनीय कार्य के लिए बजाजनगर थाने में तैनात 2 बीट मार्शलों नरेंद्र केवटे और पंकज राठौड़ की हर ओर प्रशंसा हो रही है। नागपुर पुलिस कंट्रोल रूम के आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना मिली कि अंबाझरी तालाब की सीढ़ियों पर 2 महिलाएं संदिग्ध अवस्था में बैठी हैं और किसी भी वक्त आत्मघाती कदम उठा सकती हैं। यह सूचना मिलते ही केवटे और राठौड़ तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए।
तालाब पर पहुंचने पर केवटे और राठीड़ ने देखा कि मां-बेटी गहरे तनाव में हैं और रोते हुए तालाब में कूदने की तैयारी कर रही है, स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना समय गंवाए मां-बेटी को ऐसा करने से रोका, उन्होंने धैर्य और समझदारी से दोनों से बातचीत की।
पारिवारिक विवाद से थी परेशान पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों मां-बेटी अजनी थाना क्षेत्र की निवासी है, महिला का अपने पति के साथ पिछले एक महीने से पारिवारिक विवाद चल रहा था।
साथ ही आर्थिक तंगी के बावजूद वह अपनी बेटी को बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करवा रही थी, लेकिन बेटी के पढ़ाई में ध्यान न देने से घर में तनाव और बढ़ गया था।
इन्ही पारिवारिक और मानसिक दबावों के चलते महिला अपनी बेटी को दोपहिया वाहन से अंबाझरी तालाब लेकर पहुंची थी और आत्महत्या करने का मन बना चुकी थी।
सूचना मिलने पर अंबाझरी पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले जाकर उनकी काउंसलिंग की गई। बाद में उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इसमें कोई दो राय नहीं कि दोनों पुलिसकर्मियों की तेज प्रतिक्रिया, सतर्कता और मानवीय पहल के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और 2 जिंदगियां सुरक्षित बच सकी।