नागपुर-अजनी स्टेशन पर हाई अलर्ट, 150 जवान तैनात, प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर लगी रोक

Nagpur Railway Station: दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होना तय है। हर साल इन अवसरों पर नागपुर और अजनी स्टेशन यात्रियों से भर जाता है।
Nagpur Railway Station: दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होना तय है। हर साल इन अवसरों पर नागपुर और अजनी स्टेशन यात्रियों से भर जाता है।
नागपुर रेलवे स्टेशन (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: रेलवे स्टेशन पर त्योहार के दौरान भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए इस बार रेल प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को और सख्त कर दिया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और लोहमार्ग पुलिस (जीआरपी) ने न केवल अपने जवानों की संख्या लगभग दोगुनी कर दी है बल्कि ड्यूटी का समय भी बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया है, ताकि सुरक्षा चाक-चौबंद रहे और किसी भी स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके।

नागपुर स्टेशन पर तैनात 150 जवान

जानकारी के अनुसार, नागपुर स्टेशन पर 150 से अधिक आरपीएफ जवानों की तैनाती की गई है। ये जवान 2 शिफ्टों में ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे और हर प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, फुटओवर ब्रिज तथा स्टेशन परिसर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी रखेंगे। वहीं अजनी स्टेशन पर भी सुरक्षा को लेकर विशेष कदम उठाए गए हैं जहां लगभग 80 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इन सभी जवानों को उनके हथियार सौंप दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वे पूरी तरह तैयार रहें। जीआरपी को भी इसी तरह के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर रोक

स्टेशन परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। रेल प्रशासन ने गुरुवार से शुक्रवार, 3 अक्टूबर तक नागपुर और अजनी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर रोक लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म टिकट से आने वाली अतिरिक्त भीड़ को रोकना जरूरी है, ताकि केवल वास्तविक यात्री ही स्टेशन परिसर में मौजूद रहें और व्यवस्था बनाए रखने में आसानी हो।

रीडेवलपमेंट कार्य बना चुनौती

इन दिनों नागपुर रेलवे स्टेशन पर रीडेवलपमेंट का काम भी तेजी से चल रहा है। प्लेटफॉर्म नंबर 7 के बाद अब प्लेटफर्म नंबर 5 पर भी निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में उपलब्ध प्लेटफॉर्म की संख्या घटने से रेलवे प्रबंधन को अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

दशहरा और दिवाली के लिए चलाई जा रहीं स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर चल रही विशेष ट्रेनों के संचालन में मंडल प्रबंधन को खासी मेहनत करनी पड़ रही है। सीमित प्लेटफॉर्म में सभी ट्रेनों का समायोजन करना अधिकारियों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

सुरक्षा पर पैनी नजर

स्टेशन पर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी को भी बढ़ाया गया है। प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर और पार्किंग क्षेत्र जैसे संवेदनशील स्थानों पर लगे कैमरों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं और संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा बलों की गश्त भी बढ़ा दी गई है, ताकि यात्रियों को हर समय सुरक्षित माहौल मिल सके। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय से पहले स्टेशन पहुंचें, अनावश्यक भीड़भाड़ से बचें और सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग करें।

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