अजनी केबल-स्टेयड ब्रिज (सौजन्य-नवभारत)
Maharail Signature Project: महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (महारेल) 125 साल पुराने ब्रिटिशकालीन अजनी पुल के स्थान पर एक अत्याधुनिक छह-लेन के ट्विन केबल-स्टेयड रोड ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण युद्ध स्तर पर कर रहा है। 332 करोड़ रुपये की लागत वाला यह ‘सिग्नेचर प्रोजेक्ट’ न केवल स्थापत्य कला का नमूना होगा बल्कि दक्षिण और मध्य नागपुर के बीच यातायात की भीड़ को भी काफी कम करेगा।
महारेल को यह प्रोजेक्ट काफी पहले मिला था और अपनी तय सीमा को पार कर चुका है। हालांकि अब महारेल ने पहली बार इसकी जानकारी साझा की है और दावा किया है कि मानसून से पहले इसे चालू कर दिया जाएगा। महारेल के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजेश कुमार जायसवाल ने जानकारी दी कि यह पुल मानसून से पहले यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले इस मार्ग पर ट्रैफिक सुचारु रखने के लिए महारेल ने इसे 2 चरणों में बांटने की रणनीति अपनाई है –
प्रथम चरण (3 लेन पुल): वर्तमान पुराने पुल के समानांतर 3 लेन के नए केबल-स्टेयड पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। इस दौरान पुराना पुल यातायात के लिए खुला रहेगा।
द्वितीय चरण (जुलाई 2026 तक) : पहले 3 लेन वाले पुल का काम पूरा होते ही (जुलाई 2026 तक संभावित) ट्रैफिक को नई संरचना पर डाइवर्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद पुराने ब्रिटिशकालीन पुल को ध्वस्त कर उसके स्थान पर बाकी के 3 लेन वाले दूसरे केबल-स्टेयड पुल का निर्माण किया जाएगा।
पर्यटन और सौंदर्य का नया केंद्र : नया अजनी पुल तकनीकी रूप से जितना उन्नत है, दिखने में उतना ही भव्य होगा। इसकी ऊंचाई 52 मीटर ऊंचे ‘पायलन’ और उन्नत केबल सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
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लाइटिंग : शहर की सुंदरता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पुल पर डायनेमिक रंगीन एलईडी थीम-लाइटिंग लगाई जाएंगी।
सेल्फी पॉइंट्स : पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पर विशेष ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जहां से लोग शहर के आधुनिक बुनियादी ढांचे का लुत्फ उठा सकेंगे। पूरी तरह तैयार होने के बाद ये दोनों पुल एकतरफ़ा यातायात की सुविधा देंगे जिससे अजनी रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम की समस्या हमेशा समाप्त हो जाएगी।