इंतजार के बाद भी पेश नहीं हो पाया मनपा बजट, चुनाव आयोग की मंजूरी नहीं मिलने से टली बैठक
Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा का आम बजट एमएलसी चुनाव की आचार संहिता में फंस गया। चुनाव आयोग से मंजूरी नहीं मिलने पर महापौर ने विशेष सभा स्थगित कर दी।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर मनपा बजट, एमएलसी चुनाव,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur NMC Budget MLC Election: नागपुर मनपा में सत्ता स्थापित होने के बाद से लगातार आम बजट को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहा। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को विशेष रूप से बजट के लिए विशेष सभा भी बुलाई गई किंतु मनपा का आम बजट एमएलसी चुनाव को लेकर लगी आचार संहिता की भेंट चढ़ गया। हालांकि बजट की पूरी तैयारी तो हो चुकी थी किंतु अचानक सोमवार की सुबह विधान परिषद में स्थानीय निकाय की सीट को लेकर चुनाव घोषित हो गया जिसके बाद किसी तरह से अनुमति के लिए तुरंत प्रभाव से केंद्रीय चुनाव आयोग के नाम पत्र तो भेजा गया किंतु विशेष सभा शुरू होने तक किसी भी तरह का जवाब नहीं मिलने के कारण अंततः महापौर नीता ठाकरे ने चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने तक के लिए विशेष सभा स्थगित कर दी।
इंतजार की घड़ियां, आधे घंटे के लिए सभा भी स्थगित आम बजट पेश करने की तैयारियों का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक ओर जहां विशेष सभा 11 मिनट देरी से शुरू की गई वहीं दूसरी ओर किसी तरह से बजट पेश करने की अनुमति आने के इंतजार की घड़ियां बढ़ाने के लिए कोरम के अभाव में आधा घंटे के लिए सभा स्थगित भी की गई।
वास्तविकता यह है कि सभा के लिए दिए गए समय के अनुसार 11:11 बजे तक अधिकांश पार्षद सदन में पहुंच गए थे किंतु अचानक ही वरिष्ठ नेता की ओर से पार्षदों की सदन के बाहर बुलाया गया। सत्तापक्ष के पार्षद चाहर जाते ही सदन शुरू करने की घंटी बजाई गई। नियमों के अनुसार घंटी बजने के बाद महापौर ने सदन की कार्यवाही शुरू करने से पूर्व निगम सचिव से कोरम की मांग की किंतु निगम सचिव ने कोरम नहीं होने की सूचना देने के बाद सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी गई, आधा घंटे बाद सत्तापक्ष के सभी पार्षद वापस लौटते ही पुनः सदन की कार्यवाही शुरू हुई जिसके बाद महापौर ने चुनाव आयोग से मंजूरी नहीं मिलने के कारण सभा स्थगित करने की घोषणा की।
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पार्षद होते हैं मतदाता
महानगरपालिका का बहुप्रतीक्षित बजट फिलहाल के लिए टल गया है। विगत कई दिनों से यह तय था कि 19 तारीख की महानगरपालिका का बजट पेश किया जाएगा लेकिन राज्य में विधान परिषद चुनाव की अचानक हुई घोषणा के बाद लागू हुई आचार संहिता ने इस पर ब्रेक लगा दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए महापौर नीता ठाकरे ने बताया कि बजट पेश करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी।
इसके लिए पूर्व व्यवस्था के तहत 14 तारीख को ही एजेंडा निकाल लिया गया था। हालांकि आधार संहिता लागू होने के बाद असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। दरअसल विधान परिषद के चुनाव में महानगरपालिका के पार्षद सीधे तौर पर मतदाता होते है। इसी वजह से चुनाव समिति और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस दौरान बजट पेश करने से मतदाताओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
खत्म नहीं हो सका 4 वर्षों का इंतजार
जानकारों के अनुसार मनपा में वर्ष 2022 में कार्यकाल खत्म होने के बाद न्यायिक मामले के चलते आम चुनाव स्थगित रहे। किसी तरह से 4 वर्षों के बाद न्यायिक मसला अस्थायी तौर पर हल होने के कारण चुनाव तो हुए किंतु पार्षदों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण आम बजट का इंतजार अभी भी खत्म नहीं हो पाया है।
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जानकारों के अनुसार आम बजट में विकास कार्यों के लिए निधि का आवंटन होता है जिससे लगभग सभी पार्षदों को इसका इंतजार था। यहां तक कि बजट आते ही विकास कार्य शुरू होने की आशाएं जताई जा रही थीं किंतु अब एमएलसी चुनाव की आचार संहिता ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया।
..तो एक महीने तक इंतजार
बताया जाता है कि विधान परिषद के चुनाव 18 जून की प्रस्तावित है। ऐसे में यदि चुनाव आयोग से बजट पेश करने की अनुमति नहीं मिलती है तो महानगरपालिका का बजट मोटे तौर पर एक महीने के लिए आगे खिसक सकता है। महापौर का साफ कहना है कि बिना अनुमति के कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत ही आगे की कार्यवाही की जाएगी, महापौर ने कहा कि यदि चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र पर सकारात्मक निर्णय होवन अनुमति मिलती है तो अनुमति मिलने के बाद 2-3 दिन में बजट पेश हो जाएगा।
