

Air India MRO Operations: एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के नागपुर स्थित मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) केंद्र में कर्मचारियों की हड़ताल और काम बंद आंदोलन के बाद गतिविधियां काफी धीमी पड़ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले करीब 2 महीनों से एमआरओ में केवल एक बोइंग 777 विमान पर ही रखरखाव का काम चल रहा है।
इस विमान के मेंटेनेंस का कार्य जारी है लेकिन इसके एमआरओ से बाहर जाने का कोई तय कार्यक्रम फिलहाल सामने नहीं आया है। जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले तक नागपुर एमआरओ में एयर इंडिया के हर महीने औसतन 2 से 3 विमान निर्धारित रखरखाव के लिए पहुंचते थे।
इससे इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को नियमित काम मिलता था और एमआरओ पूरी क्षमता के साथ संचालित होता था लेकिन हड़ताल के बाद स्थिति बदल गई है। बताया जा रहा है कि एयर इंडिया फिलहाल नागपुर एमआरओ में नए विमान भेजने से परहेज कर रही है जिससे यहां कामकाज काफी सीमित हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि एयरबस ए320 विमान को भी मेंटेनेंस के लिए नागपुर भेजने की योजना बनाई गई थी लेकिन बाद में यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इसके बाद से कोई नया विमान एमआरओ नहीं पहुंचा है। इससे कर्मचारियों के बीच भविष्य को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
एमआरओ में लगातार कम हो रहे काम को लेकर कर्मचारियों में चिंता का माहौल है। उनका मानना है कि यदि नए विमान नहीं आए तो न केवल केंद्र की उत्पादकता प्रभावित होगी बल्कि भविष्य में रोजगार और कार्यभार पर भी असर पड़ सकता है।
एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के कर्मचारियों ने हाल ही में विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और काम बंद आंदोलन किया था। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में त्यागपत्र देने के बाद एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी करने के नियमों में बदलाव, समान काम के लिए समान वेतन तथा सेवा से निकाले गए कर्मचारियों की बहाली शामिल थी।
किसी भी एमआरओ की क्षमता का बेहतर उपयोग तभी संभव है जब वहां नियमित रूप से विमान रखरखाव के लिए पहुंचते रहें। अब सभी की निगाह एयर इंडिया पर टिकी है। यदि कंपनी फिर से नागपुर एमआरओ को नियमित मेंटेनेंस कार्य आवंटित करती है तो यहां की गतिविधियां दोबारा गति पकड़ सकती हैं। वहीं यदि मौजूदा स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो देश के प्रमुख एमआरओ केंद्रों में शामिल नागपुर की भूमिका पर भी असर पड़ सकता है।
जहां एयर इंडिया के एमआरओ में कामकाज सुस्त पड़ा है वहीं इंडामेर एमआरओ में विमान रखरखाव का काम सामान्य रूप से जारी है। जानकारी के अनुसार, वहां हर महीने 4 से 5 विमान मेंटेनेंस के लिए पहुंच रहे हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि विमान रखरखाव का कार्य अन्य एमआरओ केंद्रों की ओर शिफ्ट हो रहा है या निजी क्षेत्र के एमआरओ को अधिक काम मिल रहा है।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से राजेंद्र मानकर की रिपोर्ट