मेडिकल में ऑक्सीजन लीकेज मामले पर प्रशासन ने साधी चुप्पी, लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार!

Nagpur Medical College: नागपुर के मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को ऑक्सीजन लीकेज के मामले को लेकर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। इस प्रकरण की कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
Nagpur Medical College: नागपुर के मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को ऑक्सीजन लीकेज के मामले को लेकर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। इस प्रकरण की कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
मेडिकल में ऑक्सीजन लीकेज मामला (फाइल फोटो)
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Nagpur Medical College: शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल में ऑक्सीजन लीकेज की घटना के बाद से प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। मामला गंभीर होने के बाद भी कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। हालांकि प्रशासन सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है लेकिन आखिर लीकेज किसकी लापरवाही से हुआ, यह उजागर नहीं हो सका है। इस बीच दिनभर अधिकारी जवाब देने से कतराते रहे।

मंगलवार की दोपहर ऑपरेशन थियेटर ‘बी’ में ऑक्सीजन पाइप लाइन लीकेज हो गई। इसके बाद दोपहर 3 बजे से 3 घंटे के लिए आपूर्ति बंद कर दी गई, साथ ही सभी इंचार्ज सिस्टर को सूचित किया गया कि लीकेज के चलते सभी मेडिसिन वार्डों में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जाए। आदेश जारी होते ही विभागों में सिलेंडर पहुंचाए गए। शाम तक आपूर्ति को नियमित करने का कार्य जारी रहा।

नहीं किया कोई नोटिस जारी

बताया गया कि लीकेज की घटना के बाद सभी विभाग प्रमुखों की बैठक बुलाई गई। वार्डों सहित ओटी में ऑक्सीजन सिलेंडर से आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए। लीकेज की पहचान कर उसे शाम तक दुरुस्त तो कर लिया गया लेकिन मामला गंभीर होने के बाद भी न तो किसी को नोटिस जारी किया गया और न ही किसी से जवाब तलब किया गया।

निजी ठेकेदार कर रहे नवीनीकरण कार्य

दरअसल, ओटी ‘बी’ के नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। इस दौरान पाइप के क्षतिग्रस्त होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मेडिकल में सभी निर्माण, नवीनीकरण, विकास और दुरुस्ती के कार्य सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग द्वारा किए जाते हैं। इस संबंध में जब निर्माण कार्य विभाग से संपर्क किया गया तो उसने ओटी के नवीनीकरण का कार्य से करने से इनकार कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि मेडिकल और सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर के कार्य किसी निजी ठेकेदार को दिए गए हैं। यह कार्य सीधे तौर पर अधिष्ठाता कार्यालय के अधीन हैं लेकिन इन कार्यों पर किसकी मॉनिटरिंग है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है क्योंकि अधिकारी जानकारी देने से कतरा रहे हैं।

वार्ड 49 के सिलेंडर किए जाएंगे शिफ्ट

मेडिकल के पुराने वार्ड क्रमांक 49 को बंद कर दिया गया है। सामने निर्माण कार्य चल रहा है। पुराने वार्ड में अब भी 30-32 ऑक्सीजन सिलेंडर पड़े हैं। यह सिलेंडर 5-6 महीनों से पड़े हैं। सभी सिलेंडर भरे होने से दुर्घटना की भी संभावना बढ़ गई है। ऑक्सीजन सिलेंडर आग को भड़काने में मददगार होते हैं। मीडिया में प्रकाशित खबरों के बाद मेडिकल प्रशासन नींद से जागा। सभी सिलेंडर को जल्द ही सिलेंडर मैनेजमेंट कक्ष में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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