नागपुर में गहराया बिजली संकट! 40 करोड़ के भुगतान के लिए महावितरण के खिलाफ ठेकेदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Nagpur Mahavitaran Contractors: 40 करोड़ के लंबित भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर महावितरण के ठेकेदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। नागपुर में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
Power crisis deepens in Nagpur! Contractors launch indefinite strike against Mahavitaran over ₹40 crore in outstanding payments.
नागपुर, महावितरण, ठेकेदार, हड़ताल,(सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nagpur Mahavitaran Contractors Indefinite Strike: 40 करोड़ रुपये बिल के भुगतान का लंबे समय से निपटारा नहीं होने सहित विविध मांगों को लेकर ठेकेदारों ने महावितरण के खिलाफ आवाज बुलंद कर जमकर नारेबाजी कर 1 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने और सिटी में अंधेरा छाने की पूरी आशंका जताई जा रही है।

नागपुर परिमंडल में महावितरण के रखरखाव व मरम्मत कार्य करने वाले ठेकेदारों के संगठन ने मुख्य अभियंता को अंतिम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों का जल्द से जल्द निपटारा करने की मांग की। ठेकेदारों के अनुसार जब तक मांग मानी नहीं जाती तब तक आंदोलन शुरू रहेगा।

सिटी में यदि ब्रेकडाउन होने से बिजली उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की तकलीफ होती है तो उसके लिए महावितरण के अधिकारी व राज्य सरकार जिम्मेदार रहेगी। ठेकेदारों का कहना है कि उनकी लगातार उठाई जा रही मांगों के बावजूद न तो अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रहे हैं और न ही नेताओं के कानों में जू रेंग रही है।

दिए जा रहे आश्वासन पर आश्वासन

दि नागपुर इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मानापुरे व (एमएसईडीसीएल) महावितरण कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के चेयरमैन रमेश कनौजिया के अनुसार बार-बार ज्ञापन और बैठके होने के बावजूद लंबित भुगतान तथा अन्य मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया जिससे मजबूर होकर उन्हें 1 जुलाई से पूर्ण कार्यबंद आंदोलन करना पड़ रहा है।

पहले भी बिल के भुगतान के लिए आंदोलन किया जा चुका है लेकिन मुख्य अभियंता के साथ हुई बैठक में सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया गया था लेकिन आश्वासन के बावजूद न तो निधि जारी की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई जिससे ठेकेदारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है परंतु अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा।

अभी ठोस निर्णय होने के बाद ही हड़ताल खत्म की जाएगी, वर्ष 2024-25 व 2025-26 के बजट को तत्काल मंजूर किया जाना चाहिए। साथ ही लंबित परचेज ऑर्डर शीघ्र स्वीकृत किए जाएं तथा प्रिवेटिव मेंटेनेंस और डीटीसी रिप्लेसमेंट की निविदाओं में मौजूद दर संबंधी विसंगतियों को दूर कर संशोधित दरें लागू की जाएं।

ठेकेदारों की नहीं होगी जिम्मेदारी

आंदोलन के दौरान एसोसिएशन स्पष्ट किया है कि कार्यबंद आंदोलन के दौरान यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है, कोई तकनीकी खराबी आती है या विद्युत व्यवस्था प्रभावित होती है तो उसकी किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत, तकनीकी अथवा आर्थिक जिम्मेदारी ठेकेदारों की नहीं होगी।

हड़ताल के लिए जिम्मेदार पूरी तरह से राज्य सरकार व महावितरण के अधिकारी हैं। बारिश के मौसम में फॉल्ट और ब्रेकडाउन की घटनाएं अधिक होने के कारण बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com