100 फीसदी करें बिजली बिल की वसूली, महावितरण संचालक पवार ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

Zero Electricity Dues: नागपुर में महावितरण की समीक्षा बैठक में संचालक राजेंद्र पवार ने अधिकारियों को हर माह 100 प्रतिशत बिजली बिल वसूली, जीरो बकाया और विद्युत दुर्घटनाओं को शून्य पर लाने के निर्देश दि
Mahavitaran electricity bill recovery
Zero Electricity Dues:नागपुर में महावितरण (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nagpur Power Review Meeting: महावितरण के संचालक राजेंद्र पवार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिजली बिलों की वसूली को शून्य बकाया (जीरो बैलेंस) तक लाया जाए। उन्होंने कहा कि महावितरण की संपूर्ण आर्थिक व्यवस्था बिजली बिलों की वसूली पर निर्भर है, इसलिए प्रत्येक माह 100 प्रतिशत चालू बिजली बिलों की वसूली सुनिश्चित की जाए। वे नागपुर परिमंडल की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।

इस अवसर पर मुख्य अभियंता दिलीप दोडके, अधीक्षक अभियंता मंगेश वैद्य, संजय वाकडे, अमित परांजपे, स्मिता पारखी, वैभव पातोडे सहित कार्यकारी अभियंता एवं विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित थे। पवार ने कहा कि उपभोक्ताओं को तत्पर और गुणवत्तापूर्ण सेवा देने के साथ-साथ राजस्व वृद्धि के लिए बकाया बिजली बिलों की वसूली हेतु विशेष प्रयास किए जाएं।

बकाया राशि को जीरो करने को प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र में पूर्व उपलब्धियों के आधार पर वर्तमान में टिके रहना संभव नहीं है। सेवा क्षेत्र में तय कार्य-मानकों के अनुसार समय पर सेवा मिलने से ही ग्राहक संतुष्ट होता है। इसलिए सटीक बिलिंग, प्रभावी वसूली और विभिन्न नवाचारों के माध्यम से महावितरण का राजस्व बढ़ाने तथा बकाया राशि को जीरो करने को प्राथमिकता दी जाए।

दुर्घटनाओं को भी शून्य पर लाने का लक्ष्य

राजेंद्र पवार ने कहा कि महावितरण के अंतर्गत कर्मचारियों में विद्युत दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है, लेकिन सार्वजनिक और घरेलू विद्युत दुर्घटनाओं को भी शून्य स्तर पर लाना लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए अभियंताओं और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर विद्युत सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलानी चाहिए। नागरिकों को विद्युत खतरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों और उपायों की जानकारी दी जाए।

विभिन्न विषयों की भी विस्तार से समीक्षा

उन्होंने सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को सुचारु और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपकेंद्रों के उचित रखरखाव, गुणवत्ता और मानकों का पालन करने तथा सभी उपकेंद्रों के लिए आईएसओ प्रमाणपत्र प्राप्त करने के निर्देश भी दिए। पवार ने कहा कि महावितरण की अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत हुआ है। बैठक में एशियाई विकास बैंक की सहायता से संचालित परियोजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना, ‘गतिशक्ति’ के अंतर्गत तकनीकी कार्यों तथा मानव संसाधन विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

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