

इतवारी के आठ सराफा कारोबारियों से कुल 80 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में नया सुराग मिला है।
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे पत्र 20, 21 और 22 अक्टूबर को खामला क्षेत्र के पोस्ट बॉक्स से डाले गए थे।
एक महिला 31 अक्टूबर को दुर्गा ज्वेलर्स पहुंची थी और संचालक को लिफाफा दिया था।
लिफाफे में सात अन्य लिफाफे और धमकी भरी चिट्ठी मिली थी।
Khamla Post Box Nagpur Police: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर इतवारी के 8 सराफा कारोबारियों से 80 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में नया खुलासा हुआ है। व्यापारियों को भेजे गए धमकी भरे पत्र खामला क्षेत्र के एक पोस्ट बॉक्स से डाले गए थे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि 20, 21 और 22 अक्टूबर को अलग-अलग दिनों में ये पत्र पोस्ट किए गए। वहां से पत्र त्रिमूर्तिनगर डाकघर पहुंचे और फिर इतवारी के व्यापारियों के पते पर भेजे गए। अब पुलिस खामला क्षेत्र में पोस्ट बॉक्स के आसपास की गतिविधियों और डाक के जरिए पत्र भेजने वालों का पता लगाने में जुटी है।
इसके साथ ही तहसील पुलिस ने इस प्रकरण में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान पत्रों के डाक नेटवर्क में पीछे की कड़ियां खंगाली गईं। इससे उनके खामला पोस्ट बॉक्स से भेजे जाने की जानकारी सामने आई। जांच टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लिफाफों को पोस्ट बॉक्स में किसने डाला था।
इस मामले में नंदनवन निवासी और न्यू इतवारी रोड स्थित दुर्गा ज्वेलर्स के संचालक नेहाल टिनखेडेकी शिकायत पर तहसील पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 31 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 से 3.30 बजे एक महिला उनकी दुकान पर पहुंची थी।
उसने डाक टिकट खरीदने के लिए 10 रुपये मांगे और एक लिफाफा टिनखेडे को थमा दिया। महिला के जाने के बाद लिफाफा खोलने पर उसमें 7 अन्य लिफाफे और एक धमकी भरी चिट्ठी मिली। इन लिफाफों पर गांधीबाग क्षेत्र के अन्य सराफा कारोबारियों के नाम और पते लिखे थे।
सराफा व्यापारियों को बिश्नोई गैंग की धमकी के बाद सोमवार को नागपुर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों तथा सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक डीसीपी राहुल मदने व तहसील पुलिस स्टेशन के पीआई संजय मेंडे के साथ हुई।
बैठक में पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूर्ण सहयोग एवं आश्वासन दिया गया। डीसीपी ने स्वयं उपस्थित होकर विश्वास दिलाया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होगी। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा इस मामले में जो भी आरोपी होंगे उन्हें जल्द से जल्द ढूंढकर गिरफ्तार किया जाएगा।
साथ ही गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने भी फोन करके इस विषय की जानकारी ली और विश्वास दिलाया कि पुलिस विभाग इस मामले को जल्द से जल्द उसके अंतिम निष्कर्ष तक ले जाकर उचित कार्रवाई करेगा।
पुलिस विभाग की ओर से यह भी आह्वान किया गया कि यदि किसी को इस मामले से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त होती है तो वह तुरंत एसोसिएशन अथवा पुलिस विभाग को सूचित करे।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आई कि जिन 8 ज्वेलर्स को धमकी भरे पत्र प्राप्त हुए है उसी प्रकार का एक पत्र लगभग डेढ़ महीने पहले महालक्ष्मी ज्वेलर्स, प्रतापनगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत भुजाडे को भी प्राप्त हुआ था। उस समय यदि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की गई होती तो शायद आज 8 ज्वेलर्स को ऐसी परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
धमकी भरी चिट्ठी में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुंबई के शूटर्स से जुडा बताते हुए प्रत्येक व्यापारी से 10 लाख रुपये मागे गए थे। रकम देने के लिए 3 दिन की मोहलत दी गई थी। भुगतान नहीं करने पर व्यापारियों और उनके परिवार के सदस्यों की गला काटकर हत्या करने की धमकी दी गई थी।
पुलिस के पास जाने पर भी गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। रकम जमा करने के बाद गेट पर 'जय श्रीराम' का पोस्टर लगाने का संदेश भी दिया गया था। एक साथ 8 सराफा कारोबारियों को निशाना बनाए जाने से व्यापारी वर्ग में दहशत फैल गई है।
अब जांच का सबसे अहम सिरा खामला का पोस्ट बॉक्स बन गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरे पत्र भेजने वाले वास्तव में बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं या गैंग के नाम का इस्तेमाल कर कारोबारियों को डराकर फिरौती वसूलने की कोशिश कर रहे है।