स्टार्टअप के लिए वरदान बन रहा इन्क्यूबेशन सेंटर, 7 ने मार्केट में बनाई जगह, 23 पर चल रहा काम

Nagpur University: विद्यार्थियों के आइडिया को आकार देकर रोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने में राष्ट्रसंत तुकड़ोजी नागपुर विवि का इन्क्यूबेशन सेंटर मददगार साबित हो रहा है।
Nagpur University: विद्यार्थियों के आइडिया को आकार देकर रोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने में राष्ट्रसंत तुकड़ोजी नागपुर विवि का इन्क्यूबेशन सेंटर मददगार साबित हो रहा है।
स्टार्टअप (AI Generated Photo)
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Incubation Centre: पिछले 5 वर्षों के भीतर विवि के सेंटर से 7 स्टार्टअप मार्केट में पहुंचे हैं। फिलहाल उनकी स्थिति मजबूत है। 23 स्टार्टअप पर काम चल रहा है। भविष्य में संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विवि द्वारा 2025 में इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू किया गया। इसमें विवि के छात्रों सहित पूर्व छात्र सहित अन्य छात्रों को भी अवसर दिया जा रहा है।

विवि का यह सेंटर छात्रों के आइडिया को आकार देने से लेकर मेंटर उपलब्ध कराने, बिजनेस प्लान बनाने, प्रोडक्ट को डेवलप करने और मार्केट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभा रहा है। हालांकि संख्या अधिक नहीं है, लेकिन भविष्य में बढ़ने की उम्मीद है। दरअसल, नागपुर सहित विदर्भ में अब तक छात्रों की मानसिकता में बदलाव नहीं आया है।

जॉब का दबाव

अंतिम वर्ष में आते-आते छात्रों पर पढ़ाई के साथ ही जॉब का दबाव बढ़ने के कारण ही वे पीछे रह जाते हैं। विवि के इन्क्यूबेशन सेंटर के संचालक डॉ. अभय देशमुख बताते हैं कि 7 स्टॉर्टअप मार्केट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से कुछ जल्द ही 100 करोड़ के मार्केट में पहुंच जाएंगे। वहीं कुछ 5 करोड़ तक पहुंच गये हैं।

13 से ज्यादा संलग्नित कॉलेजों में चल रहे सेंटर

विवि के अलावा विवि द्वारा संलग्नित 13 से अधिक कॉलेजों में इन्क्यूबेशन सेंटर कार्यरत हैं। कुछ कॉलेजों से स्टार्टअप बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें विविध तरह की सरकारी एजेंसी से अनुदान भी मिल रहा है। सेंटर के माध्यम से छात्रों को एक मंच मिला है। विवि प्रशासन प्राइवेट और अनुदानित कॉलेजों को हर संभव मदद भी कर रहा है। इन कॉलेजों में विविध आइडिया पर काम भी चल रहा है।

मानसिकता बदलनी होगी

विवि के इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थिति अच्छी है, लेकिन बेहतर करने के लिए छात्रों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। मैनपॉवर की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में आइडिया की संख्या बढ़ेगी। फिजिक्स, फार्मेसी, इंजीनियरिंग में ज्यादा स्टार्टअप काम कर रहे हैं। विवि के सेंटर से संपर्क करने वालों को हर संभव मदद की जा रही है।

- डॉ. अभय देशमुख, संचालक , इन्क्यूबेशन सेंटर नागपुर विवि

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