छात्रों की जान से खिलवाड़? फायर सेफ्टी नहीं, रजिस्ट्रेशन नहीं; फिर भी धड़ल्ले से चल रहे हॉस्टल

Nagpur Illegal Hostels: नागपुर में कई हॉस्टल बिना रजिस्ट्रेशन व फायर सेफ्टी व्यवस्था के संचालित होने के आरोप हैं। तंग गलियों में स्थित इन हॉस्टलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Putting students' lives at risk? No fire safety, no registration—yet hostels continue to operate brazenly.
अवैध हॉस्टल, छात्र सुरक्षा, फायर सेफ्टी, रजिस्ट्रेशन, नागपुर प्रशासन, (सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Raise Student Safety Concerns: नागपुर औरंज सिटी में स्टूडेंट के साथ अन्याय हो रहा है। सैकड़ों हॉस्टल अवैध तरीके से संचालित हैं। कई तो तंग गलियों में हैं जहां सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नतीजतन स्टूडेंट्स पर हादसे का खतरा हमेशा मंडराता रहता है। इसके बाद भी पुलिस, मनपा व जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद में है। कई घटनाएं होने के बाद भी किसी तरह का सबक नहीं लिया जा रहा है। इनमें न तो फायर फाइटिंग की सुविधा है और न ही खाने-पीने का उपयुक्त इंतजाम है।

आज कमाई का अड्डा बन चुके गली-कूचों में बनाये गये हॉस्टल का न तो प्रशासन द्वारा कभी ऑडिट किया जाता है और न ही इन पर कोई कार्रवाई की जाती है। बस चंद रुपयों के लिए अधिकारी इन अवैध रूप से चल रहे हॉस्टल्स की अनदेखी करते हैं। जब हादसा होता है तब जाकर नागपुर प्रशासन की नींद खुलती है। हालांकि तब तक अनहोनी घट चुकी होती है।

कइयों के पास नहीं है रजिस्ट्रेशन

देखा जाए तो शहर में ज्यादातर लोगों ने अपने घर को ही हॉस्टल बना लिया है। ऐसे लोगों ने विभाग से रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया है। शहर की तंग गलियों में बसे करीब 25-30 प्रश ऐसे हॉस्टल हैं जो बिना प्रशासन की प्रक्रिया से चल रहे हैं।

शहर में होने वाली शार्ट सर्किट की घटनाओं का भी इन हॉस्टल वालों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इनमें फायर फाइटिंग की सुविधा नहीं होने से छात्रों पर हमेशा ही खतरा मंडराता रहता है। वहीं गली-कूचों में होने से फायर ब्रिगेड की गाड़ी अंदर भी नहीं आ सकती। इसके चलते दुर्घटना बड़ा रूप भी ले सकती है। इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने से यही साबित होता है।

संचालक करते हैं अनदेखी

कई हॉस्टल्स ऐसे हैं जिनमें वहीं पर स्टूडेंट्स के लिए खाना बनता है। इनमें सिलेंडर का उपयोग किया जाता है लेकिन कई संचालक सिलेंडर और गैस की ट्यूब और पुरानी हो चुकी वायरिंग पर भी ध्यान नहीं देते। इसी अनदेखी के कारण स्टूडेंट्स की जान पर बन आती है, प्रशासन को नींद से जागकर इस ओर भी ध्यान देने की बहुत अधिक आवश्यकता है।

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