ICICI बैंक 23 करोड़ गोल्ड लोन घोटाला: नकली सोने से ठगी करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

ICICI Bank Gold Loan Fraud: ICICI बैंक में नकली सोने पर 23.19 करोड़ का गोल्ड लोन उठाने वाले गिरोह का वांछित आरोपी प्रफुल चौधरी पकड़ा गया। नागपुर EOW ने मनी ट्रेल खंगालकर यह कार्रवाई की।
Nagpur EOW Arrest 23 Crore Gold Loan Scam
ICICI बैंकसोर्स- AI
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • ICICI बैंक के गोल्ड लोन में कथित तौर पर 23.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला।

  • आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने प्रफुल अशोक चौधरी को गिरफ्तार किया।

  • मामले में धंतोली थाने में 30 मार्च 2026 को दर्ज हुई थी एफआईआर।

  • ऑडिट के दौरान गिरवी रखे गए सोने की शुद्धता पर संदेह होने के बाद जांच शुरू हुई।

Nagpur EOW Arrest 23 Crore Gold Loan Scam: ICICI बैंक की गोल्ड लोन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा कर नकली कर्जदारों के नाम पर करोड़ों रुपए का कर्ज मंजूर कराने और नकली सोने के जेवरों को असली बताकर बैंक को 23.19 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह के 1 सदस्य को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने गिरफ्तार किया।

पकड़ा गया आरोपी तेलंगखेड़ी, रामनगर निवासी प्रफुल अशोक चौधरी (39) बताया गया। इस प्रकरण में धंतोली थाने में 30 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया गया था। ऑडिट के दौरान एक खाते में गिरवी रखे गए सोने के जेवरों की शुद्धता को लेकर ऑडिटर को संदेह हुआ।

खातों में ट्रांसफर की गई रकम

मामला गंभीर लगने पर विभिन्न शाखाओं के गोल्ड लोन खातों का भी ऑडिट कराया गया। जांच में मनीषनगर, मेडिकल चौक, नरसाला, काटोल रोड, अजनी चौक, छत्रपति चौक, वर्धा रोड, प्रतापनगर और नंदनवन शाखाओं के गोल्ड लोन खातों की जांच की गई।

पुलिस ने प्रत्येक खाते में यह पता लगाया कि कर्ज किसके नाम पर मंजूर हुआ, गिरवी के रूप में क्या दिखाया गया, कर्ज की रकम किस खाते में गई और बाद में वह रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में पुलिस ने कर्ज की रकम के पूरे मनी ट्रेल को खंगाला।

Nagpur EOW Arrest 23 Crore Gold Loan Scam
नागपुर पुल विवाद: हाईकोर्ट का बड़ा संकेत, रेलवे-विवि से ज्यादा मिला मुआवजा, याचिका में नहीं दिखा मेरिट

जांच टीम को फर्जी गोल्ड लोन ग्राहकों की सूची मिली

आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, वाहनों के अलावा बैंक लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए, जांच टीम को फर्जी गोल्ड लोन ग्राहकों की सूची भी मिली जिसने पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है लेकिन प्रफुल फरार था। बुधवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। न्यायालय ने उसे 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com