कुआं सफाई के दावे को हाई कोर्ट ने नकारा, मनपा से भ्रष्ट ठेकेदारों की मांगी लिस्ट, अब चलेगा हथौड़ा!

High Court: गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत के समय कुएं ही एकमात्र पानी का स्त्रोत होते है। लेकिन मनपा की अनदेखी के कारण अधिकांश कुंओं का पानी अब पीने लायन नहीं रह गया है।
High Court: गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत के समय कुएं ही एकमात्र पानी का स्त्रोत होते है। लेकिन मनपा की अनदेखी के कारण अधिकांश कुंओं का पानी अब पीने लायन नहीं रह गया है।
हाई कोर्ट कुआ सफाई घोटाला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur News: मनपा की ओर से सिटी को भले ही पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा हो लेकिन विशेष रूप से गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत के समय कुओं का निश्चित ही सहारा रहता है लेकिन कुओं की दुर्दशा का आलम यह है कि अधिकांश कुओं का पानी पीने लायक नहीं होने का खुलासा स्वयं मनपा ने आरटीआई के तहत किया जिसे अदालत के समक्ष रखते हुए याचिकाकर्ता संदेश सिंगलकर ने इन कुओं की मैपिंग कराने का आदेश प्रतिवादियों को देने का अनुरोध किया।

गुरुवार को हाई कोर्ट ने मनपा द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी कुओं की सफाई के संबंध में किए गए दावे को दरकिनार कर दिया। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि कुछ कुओं का दौरा करने पर अदालत के समक्ष दिया गया मनपा का बयान कि सभी कुएं साफ कर दिए गए हैं, सही नहीं था। याचिकाकर्ता की अधि। स्मिता सिंगलकर ने पैरवी की।

मनपा का नहीं, जनता का है पैसा

गुरुवार को सुनवाई के दौरान मनपा ने कोर्ट को बताया कि जिन कुओं की सफाई हो चुकी है वहां का पानी पीने योग्य नहीं है, जबकि इसका उपयोग केवल बगीचा और गाड़ियों को धोने आदि के लिए किया जा सकता है। इस पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने कहा कि यदि इस तरह के कार्य के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति कर लाखों रुपए बर्बाद हो रहे हों तो उचित नहीं है। यह मनपा का नहीं बल्कि जनता का पैसा है। अत: इसका आकलन होना जरूरी है। कोर्ट ने मनपा के दावे के सत्यापन के लिए एक कमेटी के गठन के संकेत भी दिए।

कोर्ट ने मांगा ब्योरा

  • मनपा के अधिकार क्षेत्र के भीतर कुओं की कुल संख्या।
  • कुओं की सफाई के इस कार्य पर भुगतान की गई धनराशि।
  • उन ठेकेदारों के नाम जिन्होंने सभी कुओं की सफाई का कार्य किया है।
  • उन अधिकारियों के नाम जिन्होंने ठेकेदार को भुगतान करने से पहले कुओं की सफाई के इस काम का सत्यापन किया था।

मनपा ने स्वयं उजागर की थी भयावह स्थिति

  • मनपा के मालकियत के कुल 636 कुएं
  • पीने योग्य पानी वाले कुओं की संख्या 348
  • निरुपयोगी कुओं की संख्या 359
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