

नागपुर. बरसात के मौसम में जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों को बीमारी से बचने के लिए स्वच्छ पानी पीने की सलाह दे रहा है. वहीं शहर के गुलशननगर निवासियों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. उनके यहां नलों में पानी तो आ रहा है लेकिन गटर का. लोगों का आरोप है कि बरसात के मौसम में पाइप लाइन कहीं से फूट गई है जिससे गंदा पानी लोगों के घरों में सप्लाई हो रहा है. इस मामले में लोगों ने अपने स्तर पर जिम्मेदार विभाग में शिकायत भी दर्ज कराई है लेकिन उसका कोई हल नहीं निकल पाया है.
गुलशननगर कश्मीरी गेट निवासी विलास नंदनवार, अजय पाटिल, सुधा सप्र के साथ कई लोगों का कहना हैं कि नलों में आने वाले गंदे पानी की समस्या करीब दो महीने से है. इस पानी को पीने से बड़ों के साथ बच्चों को डायरिया बुखार जैसे रोगों का शिकार होना पड़ रहा है लेकिन इस मामले में कोई भी जनप्रतिनिधि उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं. गंदे पानी की यही समस्या दूसरे इलाकों में भी हैं. वहीं कुछ जिम्मेदार अधिकारी बारिश को इसका कारण बता रहे हैं.
शहर में कई सड़कें ऐसी हैं जो बारिश में पानी में डूब जाती हैं. इनके गड्ढों में कई वाहन फंस जाते हैं और टू व्हीलर गाड़ियां हादसे का शिकार हो जाती हैं. इन सड़कों की मरम्मत के लिए कई बार स्थानीय लोगों ने आवाज उठाई लेकिन कोई बात नहीं बनी. बरसात के इस मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत उन लेआउट को है जो नाले के पास हैं. सैफ्टी वॉल न बनने से नाले का पानी सीधे घरों में प्रवेश कर रहा है.