

Nagpur GST Seminar: नागपुर जिले में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के नियमों में हुए हालिया बदलावों, व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान को लेकर करदाताओं एवं व्यवसायियों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
नागपुर जोन सेंट्रल सीजीएसटी द्वारा 'डीजीटीएस' मुंबई जोनल यूनिट के सहयोग से 'जीएसटी कानूनों में नवीनतम अपडेट, चुनौतियां, व्यावहारिक समाधान और हालिया बदलाव' विषय पर एक हाइब्रिड (ऑफलाइन व ऑनलाइन) सेमिनार का सफल आयोजन किया गया।
जोन के मुख्य आयुक्त संदीप पुरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में एमएसएमई, व्यापारिक संगठनों, कर पेशेवरों और विभागीय अधिकारियों सहित 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
नागपुर जिले में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के नियमों में की शुरुआत सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क नागपुर-1 के प्रधान आयुक्त राजीव कुमार अग्रवाल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि कर प्रशासन और हितधारकों के बीच नियमित संवाद से अनुपालन आसान होता है और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलता है। मुख्य अतिथि एवं डीजीटीएस (मुंबई) के प्रधान अतिरिक्त महानिदेशक सुमित कुमार ने अपने मुख्य भाषण में करदाता विश्वास को मजबूत करने, पारदर्शी प्रक्रिया और शिकायत निवारण तंत्र को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
सीएमए अनिल बी. वर्मा ने जीएसटी दरों के युक्तिकरण, रिवर्स चार्ज मेकैनिज्म, सेल्फ-इन्वॉयसिंग, धारा 16 (5) के तहत राहत और धारा 128ए के तहत जीएसटी एमनेस्टी योजना पर विस्तृत प्रकाश डाला।
ट्रिब्यूनल और रिटर्न फाइलिंग धारा 74ए के तहत मांग कार्यवाही, नियम 88बी के तहत ब्याज, कॉरपोरेट गारंटी का मूल्यांकन, इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम, ई-वे बिल में सुधार, जीएसटीआर-1ए और जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया गया।
पंजीकरण एवं सुगम प्रक्रिया सीजीएसटी नागपुर जोन के अधीक्षक एस। एस। सोमन ने जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पर सत्र लिया। अंत में सहायक आयुक्त (नागपुर जौन) एम. शंकर कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।