9वें सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस समारोह में शामिल हुए नितिन गडकरी, मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की वकालत की

इस वर्ष सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस की 9वीं वर्षगांठ थी। यह कार्यक्रम वायुसेना नगर स्थित वायुसेना परिसर में आयोजित किया गया। इस वक्त नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
गडकरी ने मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की वकालत की।
गडकरी ने मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की वकालत की।
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नागपुर: सशस्त्र बलों के शहीदों के साथ-साथ सेवानिवृत्त सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस वर्ष सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस की 9वीं वर्षगांठ थी। यह कार्यक्रम वायुसेना नगर स्थित वायुसेना परिसर में आयोजित किया गया।

इस वक्त नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर एयर मार्शल विजय कुमार गर्ग, वाइस एडमिरल किशोर ठाकरे, एयर मार्शल भी उपस्थित थे। इस अवसर पर शहीद सैनिकों के परिजनों के साथ-साथ सेवानिवृत्त सैनिकों को भी सम्मानित किया गया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को रक्षा क्षेत्र को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने तथा अनुसंधान एवं विकास के साथ दुनिया से आगे बढ़ने की वकालत की। गडकरी यहां वायुसेना नगर में भारतीय वायुसेना की मुख्यालय रखरखाव कमान में नौवें सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

सैनिकों को दी श्रद्धांजलि

इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को अद्वितीय सेवा और बलिदान के लिए श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त और सेवारत कार्मिक, उनके परिवार और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस अवसर पर कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल विजय कुमार गर्ग भी मौजूद थे, पूर्व सैनिकों को उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि हमें रक्षा क्षेत्र में मजबूत और आत्मनिर्भर बनना है तथा अनुसंधान एवं विकास के साथ दुनिया से आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि देश को शक्तिशाली बनने की जरूरत है, ताकि दुनिया में अन्याय न हो और दुनिया भर में शांति और सद्भाव कायम रहे, इसलिए तीनों सशस्त्र बलों की भूमिका बेहद अहम है।

गडकरी ने मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की वकालत की।
सशस्त्र बलों के शहीदों के साथ-साथ सेवानिवृत्त सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त। (सौजन्य सोशल मीडिया)

सशस्त्र बलों व पूर्व सैनिकों का कल्याण

गडकरी ने कहा कि हमारे सैनिकों ने देश के लिए बहुत बड़ा बलिदान दिया है। देश द्वारा लड़े गए सभी युद्धों में हमारे सैनिकों ने हमारे देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश सशस्त्र बलों द्वारा किए गए कार्यों को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए देश की प्रतिबद्धता बताई और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के रूप में उनकी विरासत का सम्मान करने के महत्व पर जोर दिया। महाराष्ट्र की अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

2016 से  मनाया जाता है संवाद कार्यक्रम

उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व सैनिक साहस, सेवा और बलिदान के प्रतीक हैं और उनकी विरासत हमेशा हमारे देश के भविष्य का मार्गदर्शन करेगी।'' सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस हर साल 14 जनवरी को सशस्त्र बलों के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा द्वारा प्रदान की गई सेवा की स्मृति में मनाया जाता है, जो 1953 में इसी दिन सेवानिवृत्त हुए थे। 2016 से हर साल पूर्व सैनिकों के सम्मान में इस तरह के संवाद कार्यक्रमों के साथ इसे मनाया जाता है।

 गडकरी ने मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की वकालत की।
सशस्त्र बलों के शहीदों के साथ-साथ सेवानिवृत्त सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त। (सौजन्य सोशल मीडिया)

हम सुरक्षित क्योंकि सैनिकों ने बलिदान दिया

हम यहां सुरक्षित हैं क्योंकि हमारे सैनिकों ने बलिदान दिया। देश का इतिहास उनकी कड़ी मेहनत और खून की बूंदों से लिखा गया है। इसलिए देश के गौरवशाली इतिहास में सैनिकों के बलिदान का बहुत महत्व है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें कभी नहीं भुलाया जाएगा। नितिन गडकरी ने आभार व्यक्त किया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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