

Nagpur Adulterated Milk Oil: नागपुर शहर में आपकी थाली तक पहुंचने वाला दूध और खाना पकाने का तेल और यहां तक कि भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला कितना शुद्ध है, इस पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) द्वारा पिछले 4 महीने में की गई छापेमारी में चिंताजनक खुलासे हुए हैं जिसने प्रशासन की सतर्कता और जागरूकता के दावों की भी पोल खोल दी है। महज 4 महीने की गई छापेमारी में साफ हो गया कि खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट हो रही है।
खासतौर पर सरकारी जांच के आकड़ों से पता चलता है कि दूध, खाद्य तेल और मसालों में धड़ल्ले से भारी मिलावट की जा रही है जो नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बनकर मंडरा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल से 30 जुलाई 2026 के बीच चलाए गए विशेष जांच अभियान में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
एफडीए विभाग की जांच टीमों ने कार्रवाई करते हुए कुल 3,40,79,328 रुपए के मूल्य का 23,778.4 किलोग्राम मिलावटी व सेहत के लिए खतरनाक खाद्य पदार्थ जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई में सबसे चिंताजनक स्थिति दुग्धजन्य पदार्थों और खाद्य तेलों की सामने आई है जहां धड़ल्ले से शुद्धता के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा था।
एफडीए के आंकड़ों के मुताबिक, 4 महीनों में दुग्धजन्य पदार्थों के कुल 178 नमूने लिए गए जिनमें से 24 नमूने लैब टेस्ट में सीधे घटिया गुणवत्ता वाले पाए गए हैं।
विभाग ने डेयरियों और सप्लायर्स के पास से 39,27,214 की कीमत का 4,085 किलो संदिग्ध मावा, पनीर, मक्खन और घी जब्त किया है।
एफडीए ने 4 महीने में कुल 706 सैपल लैब जांच के लिए भेजे थे जिनमें से अब तक केवल 312 की ही रिपोर्ट ही आई है। अभी भी 394 नमूनों की जांच रिपोर्ट लंबित है। जिस रफ्तार से शुरुआती 312 नमूनों में मिलावट पाई गई है उसे देखते हुए अधिकारियों का अनुमान है कि पेंडिंग रिपोर्ट आते ही असुरक्षित खाद्य पदार्थों और जब्ती का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।
खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को रोकने के 66 लिए एफडीए विभाग सक्रिय है और पूरी सक्रियता के साथ नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
ग्राहकों से भी हमारी अपील है कि वे खाद्य पदार्थों में मिलावट का संदेह होने पर एफडीए में तुरंत शिकायत करें। पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते है। तुरंत उनकी शिकायत का संज्ञान लिया जाएगा।
- एफडीए नागपुर, सह आयुक्त, कृष्णा जयपुरकर
विभाग ने रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेलों के 57 नमूनों की जांच की। इनमें से 40,49,962 रुपए मूल्य का 2,236 किलो मिलावटी व असुरक्षित तेल सीज किया गया। इसके अलावा मसालों से 57,40 लाख और अन्य खाद्य सामग्रियों से 2.91 करोड़ का संदिग्ध माल जब्त किया गया है।
जांच के लिए भेजे नमूने : 706
जब्त माल का वजन 23,778.4 किलोग्राम
जब्त माल की कुल कीमत: 3,40,79,328 रुपए
लैब जांच रिपोर्ट : 34 घटिया गुणवत्ता, 35 भ्रामक ब्रांडिंग, 32 असुरक्षित
पेंडिंग रिपोर्ट: 394 नमूनों के परिणाम अभी बाकी
दुग्धजन्य पदार्थ (मावा, पनीर, घी) 178 नमूने-39,27,214 का माल सीज (4,085 किलोग्राम) 24 नमूने सब स्टैंडर्ड
खाद्य तेल : 57 नमूने 40,49,962 का तेल जब्त (2.236 किलोग्राम)
मसाले 27 नमूने 57,40,880 के मसाले सीज (2,392 किलोग्राम)
अन्य अन्न पदार्थ: 321 नमूने 2,91,48,692 की जब्ती (14,907 किलोग्राम), 30 नमूने असुरक्षित, 32 भ्रामक लेबलिंग
नागपुर का यह क्रैकडाउन राज्यभर में चल रहे व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 'सुरक्षित अन्न, निरोगी महाराष्ट्र' अभियान के तहत मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा रही है।
नकली दूध, पाम ऑयल मिश्रित खाद्य तेल और रसायनयुक्त मसालों का काला कारोबार करने वालों के खिलाफ एफआईआर और प्रतिष्ठान सील करने की सख्त कार्रवाई की जा रही है। त्योहारों का सीजन नजदीक देखते हुए नागपुर एफडीए ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी और सैंपलिंग की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज की जाएगी।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से रियाज अहमद की रिपोर्ट