

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से मानसून ने अपनी गति धीमी कर दी है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अनुमानों के अनुसार, आज मानसून की इस विश्राम अवधि में थोड़ा बदलाव आने की संभावना है। हालांकि राज्य के बड़े हिस्से में गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन 9 विशिष्ट जिलों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने के संकेत मिले हैं।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और इसके उपनगरों में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में शहर में हल्की बारिश की संभावना जताई है। पालघर और रायगड़ जिलों में छिटपुट स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस दौरान कोंकण तट पर हवा की गति 5-6 मीटर प्रति सेकंड रहने की संभावना है।
खानदेश क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में मौसम में हलचल देखी जाएगी। नासिक के घाट क्षेत्र, धुले, नंदुरबार और जलगाँव में बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इन क्षेत्रों में पिछले पांच दिनों से बारिश की कमी के कारण तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे गर्मी का एहसास अधिक हो रहा है।
मराठवाड़ा क्षेत्र में जालना और छत्रपति संभाजीनगर में आज हल्की बारिश के लिए पोषक वातावरण तैयार हो सकता है। छत्रपति संभाजीनगर में दोपहर के समय तेज हवाएं चलने और तापमान अधिकतम 32°C के आसपास रहने का अनुमान है। क्षेत्र के अन्य जिलों में धूप और बादलों का खेल जारी रहेगा।
विदर्भ क्षेत्र के लिए मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। नागपुर, वर्धा, भंडारा, अमरावती और अकोला जैसे प्रमुख जिलों में बारिश की संभावना बहुत कम जताई गई है। हालांकि, गोंदिया जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। विदर्भ में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है, जहाँ चंद्रपुर जैसे जिलों में पारा 36°C तक जा सकता है।
IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में ह्यूमिडिटी का स्तर 50% से 75% के बीच रहेगा, जिससे पसीने वाली गर्मी बनी रहेगी। विदर्भ के तापमान में अगले 4 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद वहां पारे में गिरावट देखी जा सकती है।
भले ही मानसून कमजोर पड़ा है, लेकिन गरज के साथ बारिश की स्थिति में बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए सतर्क रहें। किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त नमी होने तक बुवाई में जल्दबाजी न करें।