

नागपुर जिले में फिलहाल 260 से 270 दिनों का चारा उपलब्ध है।
फरवरी तक की जरूरत पूरी करने के लिए अभी से चारा बुआई के निर्देश।
सरकारी बंजर भूमि और तालाबों के डूब क्षेत्र की गांववार जानकारी जुटाई जाएगी।
संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए गांववार योजनाएं बनाने पर भी जोर।
Nagpur Cattle Fodder Scheme: वर्तमान में नागपुर जिले में मवेशियों के लिए लगभग 260 से 270 दिनों का चारा उपलब्ध है। हालांकि आगामी समय में संभावित चारा संकट को ध्यान में रखते हुए फरवरी तक की जरूरतों को पूरा करने के लिए अभी से चारा बुआई और स्थायी उपाय योजनाएं शुरू करने के निर्देश जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने दिए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित चारा किल्लत समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी अनूप खांडे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी डॉ. अर्चना कड़ और पशु पालन विभाग के जिला उपायुक्त नितिन फुके उपस्थित थे।
जल संसाधन और सिंचाई विभाग दिसंबर के अंत तक उपलब्ध होने वाली गाद-बुआई भूमि और तालाबों के डूब क्षेत्र की गांव-वार जानकारी संकलित करें। तहसीलदार चारा बुआई के लिए उपयुक्त सरकारी बंजर भूमि और अन्य उपलब्ध क्षेत्रों की सूची तैयार करें।
उन्होंने कहा कि तालुका कृषि अधिकारी और पशु पालन अधिकारी ऐसे किसानों और मवेशी पालकों की सूची बनाएं जो इस भूमि पर चारा उगाने के इच्छुक हैं। साथ ही संभावित चारा किल्लत वाले गांवों की सूची भी तैयार की जाए।
व्यक्तिगत लाभ की चारा बीज योजना के अलावा यदि किसान समूहों या महिला स्वयं सहायता समूहों से अतिरिक्त बीजों की मांग आती है तो जिला योजना समिति (डीपीसी) के माध्यम से बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत बीजों का वितरण समय पर किसानों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में सूखे और गीले चारे के भंडारण के लिए उपलब्ध गोदामों और उपयुक्त स्थानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि और पशु पालन विभाग चारा बुआई तथा सरकारी योजनाओं के बारे में व्यापक जन-जागरूकता फैलाएं, उन्होंने कहा कि जिले की 173 संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चारे की उपलब्धता और नियोजन पर चर्चा की जाएगी। शुक्रवार शाम तक सभी तालुका स्तरीय अधिकारी संयुक्त बैठक कर आवश्यक डेटा और योजना तैयार करेंगे।
कुमार आशीर्वाद ने कहा कि करा किल्लत के साथ-साथ संभावित जल संकट से निपटने के लिए हर गांव का पेथजल संकट निवारण प्लान तैयार किया जाए, बैंक डैम और बोरवेल की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए।
अधिकारी व्याक्तिगत रूप से ग्राम पंचायतों का दौरा कर सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीणों से चर्चा करें। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय पर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।