

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर जिले के नरखेड़ तहसील के लोहारी सावंगा गांव पहुंचे।
उन्होंने किसान रामभाऊ बालपांडे के घर भोजन किया और रात वहीं बिताई।
मुख्यमंत्री ने किसानों के 57 हजार करोड़ रुपये के बकाया बिल माफ करने की बात कही।
सूखे की बची हुई राहत राशि जल्द किसानों के खातों में जमा करने का आश्वासन दिया।
जलसंधारण, स्वास्थ्य सुविधाओं और किसानों का मनोबल बढ़ाने पर जोर दिया।
Lohari Sawanga Nagpur Drought: नागपुर जिले की नरखेड़ तहसील में स्थित लोहारी सावंगा गांव में उस समय सूखा पीड़ितों को सुखद एहसास हुआ, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन सब के बीच पहुंचे। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ संवाद साध कर उनके दुख को हल्का करने का काम किया।
इतना ही नहीं तो 'देवा' रूपी सीएम ने गरीब किसान जनता जनार्दन रूपी रामभाऊ बालपांडे की कुटिया में भोजन कर रात में वहीं विश्राम किया। रामभाऊ के परिजनों ने मुख्यमंत्री का उनके गांव में आने और उनका दुख जानने के लिए आभार व्यक्त किया।
रामभाऊ की पत्नी ने भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया। फडणवीस ने शनिवार किसानों के साथ दीपावली मना कर इस क्षेत्र को विशेष पहचान दिलाई। किसानों से संवाद साधते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के 57,000 करोड़ रुपये के बकाया बिल माफ कर दिए जाएंगे। सूखे की बची राहत राशि जल्द ही जमा कर दी जाएगी। ग्राम गीता गांव को खुशहाल बनाती है।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने हमें सिखाया है कि सूखे के दौरान क्या करना चाहिए। हमारी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम जलसंधारण के काम पूरे करना चाहते हैं। हम स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों को हल करने जा रहे हैं। आइए हम सब मिलकर इस मुश्किल का सामना करें।
महाराष्ट्र राज्य में भीषण सूखे के कारण किसानों पर संकट है। इसलिए हम सभी मंत्रियों ने मिलकर इस बार गांवों में किसानों के बीच जाकर उनके साथ दिवाली मनाने का निर्णय लिया है। किसानों के साथ संवाद कर एक प्रकार से उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास हमने किया है।
सूखे का मुकाबला तो करना पड़ेगा। इस पर तुरंत कोई उपाय नहीं किया जा सकता है। जिस भी तरह से किसानों की मदद की जा सकती है, हम करेंगे, साथ ही उनका मनोबल बढ़ा कर यह एहसास दिलाने का प्रयास करेंगे कि सरकार किसानों के साथ है।
देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री