

APK File Malware Scam: बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक और पुलिस प्रशासन लगातार लोगों को किसी भी अनजान नंबर से आई APK फाइल डाउनलोड न करने की सलाह दे रहे हैं। इसके बावजूद साइबर ठग नए-नए पैंतरों से लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। नागपुर में एक बार फिर एपीके (APK) फाइल मालवेयर का खतरनाक खेल सामने आया है, जहां दो अलग-अलग घटनाओं में पीड़ित नागरिकों के खातों से कुल 26.67 लाख रुपये साफ कर दिए गए। साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला हिंगना के मोंढा निवासी दिगंबर संतोषराव आदमने (58) से जुड़ा है, जो पेशे से निर्माण कार्य के मिस्त्री हैं। दिगंबर ने हाल ही में अपनी जमीन बेची थी और उसकी पूरी रकम उनके बैंक खाते में जमा थी।
6 जून को अज्ञात आरोपी ने उनके व्हाट्सएप पर 'File_6741.apk' नाम से एक मालवेयर फाइल भेजी। दिगंबर ने जैसे ही इस फाइल पर क्लिक कर डाउनलोड किया, उनका मोबाइल फोन तुरंत हैंग हो गया। इसके बाद ठगों ने बैकएंड से उनका पूरा फोन एक्सेस कर लिया। 12 से 17 जून के बीच आरोपियों ने उनके केनरा बैंक खाते से 13 अलग-अलग ट्रांजैक्शन करके 19.79 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
दूसरा मामला भी इसी प्रकार का है लेकिन इसमें पीड़ित युवक को एपीके फाइल में वेडिंग इन्विटेशन भेजा गया था। उसने सोचा किसी परिचित ने निमंत्रण पत्रिका भेजी है लेकिन यह ठगी का आमंत्रण था। गिट्टीखदान पुलिस ने जगदीशनगर, काटोल रोड निवासी शुभमकुमार जमुनाप्रसाद सतनामी (31) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।
शुभम कार वाशिंग का काम करता है। घर-घर जाकर लोगों के वाहन धोता है। अपने बचत खाते से ही उसने यूपीआई पेमेंट भी जोड़ रखा है। 12 जुलाई को शुभम के छोटे भाई रोहित का फोन अचानक हैंग हो गया। ठीक तरह से मोबाइल काम नहीं कर रहा था। उसने शुभम को भी इस बारे में बताया था। रात 12.30 बजे के दौरान रोहित के वाट्सएप नंबर से शुभम को एक एपीके फाइल भेजी गई। उसमें वेडिंग इन्विटेशन लिखा था।
शुभम को लगा कि रोहित ने किसी रिश्तेदार का निमंत्रण भेजा है। जैसे ही उसने फाइल के 'अलाउ' ऑप्शन पर क्लिक किया, फोन हैंग हो गया। उसके मोबाइल का पूरा नियंत्रण साइबर ठग के पास चला गया। करीब 2 घंटे बाद उसका मोबाइल वापस एक्टिव हो गया।
13 जुलाई की शाम उसे केनरा बैंक के खाते से 3 बार ट्रांजेक्शन में 6.96 लाख रुपये डेबिट होने के मैसेज मिले। उसने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।
APK फाइलें एंड्रॉइड ऐप्स की इंस्टॉलेशन फाइल होती हैं। जब आप प्ले स्टोर के बाहर से किसी अनजान APK फाइल को फोन में इंस्टॉल करते हैं और उसे permissions (Allow) दे देते हैं, तो फोन में खतरनाक 'मालवेयर' प्रवेश कर जाता है। इससे ठग आपके एसएमएस, ओटीपी, और बैंक ऐप्स का कंट्रोल अपने पास ले लेते हैं।