

Nagpur Cyber Fraud Bank Accountsl: नागपुर जिले में साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की कार्रवाई में ऐसे म्यूल बैंक खातों का खुलासा हुआ है जिनमें साइबर ठगी की रकम जमा कर उसे आगे ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों में करीब 90।25 करोड़ रुपये की रकम जमा हुई है।
इन खातों के संबंध में महाराष्ट्र सहित देशभर में 104 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। साइबर पुलिस थाने में आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 5 से 7 अगस्त के दौरान पवनपुत्रनगर, दिघोरी नाका और गजानननगर, हुडकेश्वर-पिपला रोड स्थित मकान पर छापा मारकर तलाशी ली।
कार्रवाई के दौरान पुलिस को विभिन्न बैंकों के 236 एटीएम कार्ड, 82 अलग-अलग नामों की पासबुक, 85 चेकबुक और 180 कोरे चेक मिले। इसके अलावा अलग अलग मोबाइल कंपनियों के 45 सिमकार्ड, 13 रबर स्टैंप, 4 मतदाता पहचान पत्र, 14 आधार कार्ड, 5 पैनकार्ड, 3 आरसी कार्ड, 2 पहचान पत्र, 7 बैंक स्कैनर, 5 डायरी और एक स्वाइप मशीन बरामद की गई।
पुलिस को बैंक खाते खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए केवाईसी दस्तावेज, विभिन्न प्रतिष्ठानों के कागजात और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। आरोपियों के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर शिकायतों और ठगी की रकम का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में उज्ज्वल ताराचंद राजगिरे (32), इरफान उर्फ इर्फान वल्द इकबाल शेख (32), मृणाली दिगंबर कांबले (26), निधीता अमित रामटेके (22), आयुष चंद्रकांत रामटेके (20) और आदित्य राहुल दुपारे (20) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को 10 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने नाम पर या अन्य लोगों के दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों में आने वाली रकम को अलग-अलग माध्यमों से आगे भेजा जाता था।