

Nagpur Crime Drug Trafficking: नागपुर क्राइम ब्रांच के नशीले पदार्थ विरोधी दस्ते ने अजनी थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान अपराधियों की गैंग को ड्रग्स के साथ पकड़ा। चारों आरोपियों का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है, जिसमें से एक चर्चित अपराधी सुमित चिंतलवार का पंटर है। चिंतलवार भी इसके पहले ड्रग्स के साथ पकड़ा जा चुका है। इसीलिए पुलिस ने दोनों का ड्रग्स कनेक्शन भी खंगाल रही है।
पकड़े गए आरोपियों ने जूनी शुक्रवारी निवासी पियूष मारोतराव मालवंडे (30), गणेशनगर निवासी राहुल संजय गोराडे (36), रामबाग कॉलोनी निवासी आर्य शामकुमार गोरले (23) और मनीष सुनील दुर्वे (22) का समावेश है। रविवार की रात 3 बजे पुलिस दस्ता नरहरीनगर में गश्त कर रहा था। इसी दौरान चारों आरोपी दोपहिया वाहन पर संदेहास्पद स्थिति में जाते दिखाई दिए, उन्हें रोककर तलाशी लेने पर 65 ग्राम मेफेड्रॉन ड्रग्स बरामद हुई।
पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन और 2 दोपहिया वाहन सहित 8.80 लाख रुपये का माल जब्त किया। पूछताछ में आरोपियों ने प्रतीक किंदलें द्वारा माल उबलब्ध करवाए जाने की जानकारी दी। चारों के खिलाफ अजनी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रतीक की तलाश जारी थी। इंस्पेक्टर गजानन गुल्हाने, एपीआई भगवान कोली, पीएसआई नागेश पुन्नावाड, हेड कांस्टेबल शेख इमरान, ज्ञानेश्वर भोगे, पवन गजभिए, रत्नाकर कोठे, अरविंद गेडेकर, विवेक अढाउ, संतोष शेंद्रे, धनपत मंजरेटे, नितिन राठोड़, नितिन सालुंके और अनूप यादव ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
इसके पहले भी उपरोक्त आरोपी अलग-अलग मामलों में पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पियूष मालवंडे जूनी शुक्रवारी के चर्चित महेश उर्फ गमछू लांबट के मर्डर का आरोपी है। अक्टूबर 2025 में उसे और साथियों को वाड़ी पुलिस ने पिस्तौल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था।
उस समय पियूष ने अपराधी सुमित चिंतलवार द्वारा हथियार उपलब्ध करवाए जाने और दक्षिण नागपुर के चर्चित अपराधी के मर्डर की साजिश रचने की कबूली दी थी। लगभग डेढ़ वर्ष पहले पुलिस ने चिंतलवार से 500 ग्राम से ज्यादा एमडी जब्त की थी। इंस्पेक्टर गजानन गुल्हाने ने बताया कि पियूष और चिंतलवार के ड्रग्स कनेक्शन तो नहीं हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। राहुल गोराडे के खिलाफ भी इसके पहले एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। आर्य गोरले और मनीष दुर्वे के खिलाफ मारपीट और आम्र्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं।