

Nagpur Construction Labour Crisis: नागपुर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का असर देश के कई राज्यों के निर्माण कार्यों पर हुआ है। नागपुर में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर चुनाव में मतदान के लिए अपने गृह राज्य बंगाल लौट गए थे, जो कि अभी भी वापस नहीं पहुंचे हैं। इससे निर्माण क्षेत्र में श्रमिकों की भारी कमी पैदा हो गई है।
इस कारण नागपुर में बिल्डिंग प्रोजेक्ट, सड़क निर्माण और निजी निर्माण कार्य धीमे पड़ गए हैं। ठेकेदारों के अनुसार बंगाल से आने वाले मजदूर निर्माण उद्योग की रीढ़ माने जाते हैं और उनके अचानक लौटने से कई परियोजनाओं की समयसीमा प्रभावित हो रही है।
खासतौर पर निर्माण कार्य में कंक्रीट डालने से पहले स्लैब, बीम, छत, सीढ़ी आदि को सहारा देने के लिए सेंटरिंग का काम बंगाल के मजदूरों के भरोसे ही होता है लेकिन मजदूरों के अपने प्रदेश चले जाने से निर्माण कार्य अटके हुए हैं। ठेकेदारों का कहना है कि यदि मजदूर जल्द वापस नहीं लौटे तो मानसून पूर्व चल रहे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्रभावित हो सकते हैं।
नागपुर के गाधीबाग कपड़ा मार्केट के व्यापारी बड़े पैमाने पर लेडीज कपड़ों की सिलाई का काम बंगाली कारीगरों के भरोसे ही करते हैं। गाधीबाग, इतवारी, प्रेमनगर, सालगंज, टेका, कामठी रोड, शांतिनगर, नाईका तालाब मोमिनपुरा, पांचपावली जैसे इलाकों में काफी बड़े पैमाने पर कपड़ों की सिलाई के कारखाने संचालित होते हैं। कुछ कारखाना संचालकों के अनुसार यह 95 प्रतिशत काम करने वाले मजदूर बंगाली होते हैं। बंगाल चुनाव के चलते मजदूर बंगाल लौट गए। इस वजह से यहां कपड़े की सिलाई का काम काफी बाधित हुआ है। इससे कारखाना संचालकों, कपड़ा व्यवसाथियों को नुकसान हुआ है।
ठेकेदारों की माने तो बंगाल चुनाव के साथ साथ नागपुर की गर्मी ने भी काम पर असर डाला है। बंगाल में चुनाव खत्म हो चुका है लेकिन अब तक मजदूरों की वापसी शुरू नहीं हो पाई है। वापस काम पर लौटने के लिए संपर्क किए जाने पर यह बात भी सामने आई है कि नागपुर में गर्मी ज्यादा होने से भी लेबर टालमटोल कर रहे हैं। इस बार मानसून जल्दी आने की संभावना जताई जा रही है, इसलिए निर्माण कार्य के आगे भी बाधित होने की संभावना है। इसका सबसे ज्यादा असर सरकारी निधि से होने वाले सड़कों के काम पर पड़ेगा।
कई ऐसी मौके आते है जब मजदूर बार बंगाल चुनाव से पहले भी बड़े पैमाने पर नागपुर से मजदूर बंगाल चले गए। चूंकि नागपुर में करीब 75 प्रतिशत निर्माण कार्य मजदूर बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं, मजदूरों के अपने शहर, गांव गांव बलते जाते हैं। इस मतदान के लिए बंगाल जाने से काफी हद तक नागपुर में निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। संभवतः कई जगह काम बाधित हुए लेकिन जल्द ही मजदूरों के काम पर लौटने की संभावना है।
-बिल्डर, गौरव अग्रवाला