

Nagpur Market Coconut Oil Price Crash: नागपुर जिले में नारियल तेल की कीमत ने थोक बाजार में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय तेल कारोबारियों के अनुसार महज 2 दिनों के भीतर नारियल के तेल के दामों में 2,000 रुपए प्रति टिन की भारी गिरावट आई है जिसने बाजार के जानकारों को भी चौंका दिया है। 2 दिन पहले तक जिस टिन की कीमत 5,500 रुपए थी वह शुक्रवार को सीधे घटकर 3,500 पर आ गई।
स्थानीय तेल कारोबारियों के अनुसार एक ही दिन में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज होना अब तक का एक बड़ा रिकॉर्ड है। इस अप्रत्याशित मंदी की मुख्य वजह नारियल की नई फसल (क्रॉप) की बंपर पैदावार और बाजार में उसकी शानदार आवक की रिपोर्ट को माना जा रहा है। कारोबारियों के अनुसार चूंकि सामने सीजन है और उत्पादन मजबूत है, इसलिए आने वाले दिनों में कीमतों में और अधिक कमी आने की पूरी संभावना बनी हुई है, जबकि फिलहाल रेट बढ़ने के कोई आसार नहीं हैं।
नारियल तेल के दामों में उतार-चढ़ाव का एक दिलचस्प गणित सामने आया है। स्थानीय कारोबारियों ने बताया कि करीब 2 साल पहले थोक बाजार में नारियल के तेल का रेट 2,500 रुपए प्रति टिन था। इसके बाद फसल खराब होने के कारण आपूर्ति रुकी और दाम आसमान छूते हुए 7,000 रुपए तक पहुंच गए थे। पिछले 6 महीनों तक यह इसी ऊंचे स्तर के आसपास बना रहा और परसों तक 5,500 रुपए प्रति डिब्बा बिक रहा था लेकिन नई फसल की रिपोर्ट आते ही इसका ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नारियल तेल की मांग बाजार में किसी खास सीजन तक सीमित नहीं रहती बल्कि यह साल भर बनी रहती है। इसका मुख्य कारण यह है कि इस तेल का उपयोग खाने के बजाय मुख्य रूप से सिर में लगाने और अन्य घरेलू उपयोगों के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। बाजार में मांग स्थिर होने के बावजूद इसकी कीमत में रिकॉर्ड गिरावट आई है।
एक ही दिन में खोपरा तेल के टिन पर 2,000 रुपए की गिरावट आना अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है, आज से पहले बाजार में इतनी तेज मंदी कभी नहीं देखी गई। 2 साल पहले दाम में भारी गिरावट आई थी लेकिन इतनी ज्यादा नहीं थी।
सामने नया सीजन है और इस बार नारियल की फसल की जो रिपोर्ट आ रही है, वह बेहद शानदार है। बंपर क्रॉप के कारण ही बाजार में यह बड़ी गिरावट आई है। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए आगामी दिनों में कीमतें और कम हो सकती है।
- अनिल अग्रवाल, तेल व्यवसायी