

Highlights
महाराष्ट्र राज्य पुलिस ड्यूटी मीट-2026 में नागपुर शहर पुलिस ने दूसरा स्थान हासिल किया।
नागपुर पुलिस ने कुल 12 पदक जीते, जिनमें 4 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य शामिल हैं।
पुणे में 5 से 10 अक्टूबर तक आयोजित हुई 22वीं पुलिस ड्यूटी मीट।
आपराधिक कानून, फॉरेंसिक साइंस, IT, फिंगरप्रिंट और निरीक्षण जैसी स्पर्धाओं में पुलिसकर्मियों ने पदक जीते।
Police Duty Meet Pune: महाराष्ट्र राज्य पुलिस कर्तव्य मेला (ड्यूटी मीट)-2026 में नागपुर शहर पुलिस ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और जांच कौशल का दम दिखाते हुए राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया। पुणे में आयोजित इस प्रतियोगिता में नागपुर पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कुल 12 पदक जीते।
इनमें 4 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। मुंबई एटीएस ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। 5 से 10 अक्टूबर तक पुणे में आयोजित 22 वीं पुलिस ड्यूटी मीट में नागपुर सिटी पुलिस के 22 अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अपराध जांच से जुड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में नागपुर पुलिस के जवानों ने अपनी काबिलियत साबित की।
आपराधिक कानून, फॉरेंसिक साइंस, मेडिको-लीगल, फिंगरप्रिंट, आईटी, निरीक्षण, व्यक्तिचित्र, पुलिस वीडियोग्राफी और श्वान स्पर्धा में नागपुर पुलिस ने पदक जीतकर अपनी छाप छोड़ी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर दिलीप चंदन ने बतौर समन्वय अधिकारी नेतृत्व किया। वहीं इंस्पेक्टर राखी गेडाम और उनकी टीम ने प्रतिस्पर्धियों की पूर्व तैयारी का नियोजन किया।
इंस्पेक्टर प्रशांत ठवरे ने फौजदारी कानून परीक्षा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस की लिखित परीक्षा और मेडिको लीगल स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किए, कांस्टेबल कुणाल हटेवार और पलाश वाघमारे ने सूचना प्रौद्योगिकी स्पर्धा और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कैपेबिलिटी में स्वर्ण पदक जीता, जबकि सहायक निरीक्षक अश्विनी काले ने फिंगरप्रिंट की प्रायोगिक एवं मौखिक स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त किया।
निरीक्षण स्पर्धा में कांस्टेबल प्रतिक्षा नागपुरे ने स्वर्ण पदक जीता। साथ ही व्यक्तिचित्र स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किया। इसी स्पर्धा में हेड कांस्टेबल रसिका घायवट ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
पुलिस वीडियोग्राफी में कांस्टेबल चंद्रप्रकाश पाटने ने कांस्य पदक जीता। श्वान स्पर्धा में नागपुर पुलिस के श्वान 'सूर्या' ने भी अपनी क्षमता दिखाई। श्वान सूर्या के साथ हेड कांस्टेबल सुखदेव धुर्वे और कांस्टेबल अभय धंदी की टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।
इस प्रतियोगिता में नागपुर पुलिस की सफलता से अपराधों की जांच में वैज्ञानिक तरीको, तकनीकी ज्ञान और निरीक्षण कौशल की अहमियत सामने आई। सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने अपनी टीम के कौशल की सराहना करते हुए विशेष रिवार्ड भी जारी किया।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग विधाओं में मिले पदक बताते हैं कि नागपुर पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी केवल कानून-व्यवस्था संभालने ही नहीं, बल्कि जांच से जुड़ी तकनीकी स्पर्धाओं में भी अपनी क्षमता साबित कर रहे है।
डीसीपी क्राइम दीपक अग्रवाल और एसीपी वैभव जाधव के मार्गदर्शन में टीम ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया। इस सफलता के लिए प्रशिक्षक डॉ। आशीष बढिये, डॉ। नीति कपूर, फॉरेंसिक एक्सपर्ट श्रीकांत अर्धापुरकर, सीआईडी के एपीआई प्रवीण मून, पूजा लगस, सचिन पानसे, अमोल सहारे और भंडारा के हेड कांस्टेबल दीपक बुलबुले का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।