गडकरी को बदनाम करने की साजिश? CIAN एग्रो को 'बीफ' से जोड़ने वाली मैगजीन को भेजा 50 करोड़ का नोटिस, जानें मामला

नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी की कंपनी CIAN एग्रो ने 'बीफ' से जोड़ने वाली खबर पर मैगजीन और यूट्यूबर को ₹50 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। कंपनी ने आरोपों को झूठा बताया।
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नितिन गडकरी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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CIAN Agro Industries News: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी की कंपनी, CIAN एग्रो इंडस्ट्रीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एक मैगजीन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ₹50 करोड़ का कानूनी नोटिस भेजा है। यह विवाद "नागपुर का बीफ" (Nagpur's Beef) हेडलाइन से छपे एक लेख के बाद शुरू हुआ है, जिसमें कंपनी और उसके प्रमोटरों को गोमांस के व्यापार से जोड़ने की कोशिश की गई थी।

मुख्य विवाद क्या है?

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वकील मीरा कौरा पटेल के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस में लेख को "मानहानिकारक, झूठा और सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ" बताया गया है। कंपनी की मुख्य आपत्तियां निम्नलिखित हैं:

  • गलत पहचान: लेख में कंपनी को गलत तरीके से बीफ व्यापार से जोड़ा गया है।
  • बिना जांच की रिपोर्ट: कंपनी का आरोप है कि मैगजीन ने बिना किसी सबूत के एक ऐसे व्यक्ति के दावों पर भरोसा किया, जिसका कंपनी के साथ पुराना व्यावसायिक विवाद चल रहा है।
  • गुमराह करने वाली कहानी: नोटिस के अनुसार, लेख में जानबूझकर जानकारी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया ताकि लोगों में गुस्सा भड़काया जा सके।

कंपनी का आधिकारिक स्पष्टीकरण

CIAN एग्रो ने मांस के प्रसंस्करण (processing) या एक्सपोर्ट में किसी भी तरह की भागीदारी से साफ इनकार किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि, "हम पूरी तरह से कृषि-आधारित उत्पादों जैसे फ्रोजन सब्जियां, मसाले, चीनी और खाद्य तेल के निर्माण और व्यापार में काम करते हैं। हमारे पास बीफ या मवेशियों के मांस से जुड़े किसी भी उत्पाद के काटने, व्यापार या एक्सपोर्ट का कोई लाइसेंस कभी नहीं रहा है।"

कानूनी कार्रवाई और FIR

कंपनी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कई कदम उठाए हैं। पब्लिकेशन को लेख हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। एक यूट्यूबर मुकेश मोहन के खिलाफ नितिन गडकरी की छवि खराब करने के आरोप में अलग से ₹50 करोड़ का मानहानि का केस और साइबर सेल में FIR दर्ज कराई गई है। साथ ही अगर सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई और लेख नहीं हटाया गया, तो कंपनी ने दीवानी (Civil) और फौजदारी (Criminal) दोनों तरह के मुकदमे चलाने की चेतावनी दी है।

कंपनी का कहना है कि यह उनकी साख खराब करने की एक "सुनियोजित कोशिश" है। नोटिस में भारतीय न्याय संहिता और आईटी (IT) नियमों का हवाला देते हुए इसे सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया गया है।

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