चंद्रशेखर बावनकुले की सेंचुरी पूरी, 100 डे प्रोग्राम में बखूबी संभाला राजस्व विभाग, विकसित महाराष्ट्र का रोडमैप किया तैयार

100 Days Report: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी मंत्रियों को 100 दिन का टास्क दिया था। इस टास्क में राजस्व विभाग ने भी अपना टास्क पूरा किया है। इस दौरान चंद्रशेखर बावनकुले ने अपनी सेंचुरी पूरी की।
आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों की पृष्ठभूमि में उत्तर महाराष्ट्र में भाजपा की कार्यशाला आयोजित की गई।
चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-एक्स)
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नागपुर: राज्य में महायुति सरकार बनते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी विभागों को उनके कार्यों का 100 दिनों का कार्यक्रम देते हुए टारगेट पूर्ण करने का टास्क दिया था। सीएम के निर्देश व मार्गदर्शन में सभी विभाग के मंत्री व आलाधिकारी-कर्मचारी अच्छे से अच्छा कार्य करने में जुट गए। इनमें राजस्व विभाग भी एक है।

अपने ऊर्जावान मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के नेतृत्व में विभाग ने राजस्व विभाग से संबंधित सभी सेवाओं को जनसुलभ बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए। नीतियां बनाईं, पुरानी नीतियों में संशोधन किए। सरकारी प्रकल्पों को साकार करने के लिए जमीनें उपलब्ध कराईं। 100 दिनों में ही विभाग द्वारा किए गए कार्यों, लिए गए निर्णयों को देख यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बावनकुले ने शानदार सेंचुरी मारी है।

विकसित महाराष्ट्र का रोडमैप

बावनकुले ने सीएम के राज्य को विकसित महाराष्ट्र बनाने की संकल्पना को साकार करने के लिए राजस्व विभाग का रोडमैप तैयार किया। 100 दिनों के कार्यक्रम के तहत उन्होंने विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी, तहसीलदार से लेकर अन्य अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन क्षेत्रों का दौरा कर नागरिकों की अड़चनों को समझने और उसका निराकरण करने का निर्देश दिया था। विभाग को पारदर्शक बनाने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन रजिस्ट्रेशन’ सुविधा शुरू की। जीआईएस सिस्टम के माध्यम से ई-मोजमाप का नया कांसेप्ट शुरू किया गया। लोकतांत्रिक प्रणाली को अधिक मजबूत करने के लिए सेवा गारंटी कानून के तहत मिलने वाली 134 सुविधाओं में से फिलहाल 62 सेवाएं कार्यान्वित की गईं और शेष 72 सेवाओं को जल्द ही ऑनलाइन कर दिया जाएगा। सरकारी प्रमाणपत्र बनाने के लिए लगने वाले 500 रुपये के मुद्रांक शुल्क को रद्द किया जिससे लाखों विद्यार्थियों व नागरिकों को लाभ मिलेगा। केवल सेल्फ अटेस्टेट आवेदन से ही प्रमाणपत्र उपलब्ध किया जाएगा।

नई रेत नीति

राज्य में नई रेत नीति लागू की गई जिससे जरूरतमंद परिवारों को घरकुल योजना के लिए 5 ब्रास तक रेत मुफ्त दी जाएगी। वहीं पत्थरों को क्रश कर रेत बनाने की योजना बनाई गई जिससे नदियों व नालों को अत्यधिक रेत उत्खनन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान से बचाया जा सकेगा। विविध शासकीय-अर्धशासकीय निर्माण कार्य में आगामी 3 वर्षों में 20 प्रतिशत कृत्रिम रेत का उपयोग अनिवार्य किया गया है। रेत तस्करी पर नियंत्रण के लिए ठोस उपाययोजना की गई है। अब राज्य में रेत डिपो सिस्टम बंद होगा और नीलामी द्वारा रेत की बिक्री की जाएगी। बावनकुले ने मृतक सम्पत्तिधारकों के वारिसों की सुविधा के लिए ‘जीवंत सातबारा’ अभियान पूरे राज्य में लागू किया जिससे वारिसों के नाम चढ़ाने में आसानी हुई।

क्लीयरेंस के लिए एक खिड़की योजना

राज्य में 1660 पेट्रोल पंपों को अनुमति देने के लिए सभी जिलाधिकारी कार्यालय में एक खिड़की शुरू करने का निर्णय लिया गया। मातोश्री ग्राम समृद्धि पांधन रास्ते योजना के तहत खेतों में सड़क बनाने के लिए बावनकुले ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए ताकि किसानों को अपने खेतों में आने-जाने, उपज के परिवहन में कठिनाई न हो। राजस्व विभाग के नालों, बांध, तालाबों से निकलने वाली गाद, मुरुम, पत्थर मटेरियल राज्य के किसानों, घरकुल लाभार्थियों, सरकारी निर्माण कार्य के लिए मुफ्त में देने का निर्णय लिया गया। इसके चलते पांधन रास्ते बनाने के लिए मुफ्त में मुरुम, पत्थर व मिट्टी सहज उपलब्ध होगी। जमीनों के रेडी रेकनर दरों के संदर्भ जो निर्णय लिए गए हैं उससे अब किसी भी वर्ग पर अन्याय नहीं होने का दावा राजस्व विभाग द्वारा किया गया है।

प्रकरणों का तत्काल निवारण

  • जिला स्तर पर नागरिकों की शिकायतों व अड़चनों की तत्काल सुनवाई कर न्याय देने का निर्देश।
  • विभाग के अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन अपने क्षेत्र में दौरा करना अनिवार्य।
  • पाकिस्तान से निर्वासित सिंधी समाजबांधवों को मालिकी हक।
  • राज्य में निवेश करने के इच्छुकों के लिए पोषण वातावरण तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयास।
  • कार्यालयीन वेबसाइट को अप टू डेट रखने का विशेष निर्देश।
  • अमरावती विमानतल की अड़चनों को दूर करने का प्रयास किया।
  • मेलघाट जैसे दुर्गम अंचल के विकास के लिए विशेष ध्यान।
  • तुकड़ा बंदी कानून में संशोधन और स्वामित्व योजना का शुभारंभ।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा राजस्व विभाग लोकाभिमुख व पारदर्शक कार्य करते हुए नाविन्यपूर्ण उपक्रमों पर जोर दे। एआई जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग उपक्रमों के अमल में हो। समाज के प्रति कुछ देने को अपना कर्तव्य समझ कर प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी कार्य करें। अन्य राज्यों की अच्छी व जनहित की योजनाओं को राज्य में भी शुरू करने का प्रयास हो, यही मेरा प्रयास हमेशा रहेगा।

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