18 करोड़ की सड़क पर सवाल, नागपुर बेसा रोड में दिखे छेद और पोला कांक्रीट; खबर आते ही सड़क की 'मलहम-पट्टी'

Besa Chowk Road Construction: नागपुर में बेसा चौक से अधर्व नगरी तक बन रही 18 करोड़ की सीमेंट रोड की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। सड़क में छेद और पोला कांक्रीट मिलने के बाद जांच की मांग तेज हो गई है।
Questions Raised Over ₹18 Crore Road: Potholes and Hollow Concrete Exposed on Nagpur-Besa Road; 'Patchwork Repairs' Begin Immediately Upon News Breaking.
बेसा चौक रोड, सीमेंट कांक्रीट सड़क,(सोर्स: नवभारत फाईल फोटो)
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Nagpur Besa Chowk Road Poor Construction: बेसा चौक से अधर्व नगरी तक बन रही 18 करोड़ रुपये की सीमेंट कांक्रीट रोड अब निर्माण से ज्यादा विवादों की सड़क बनती जा रही है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर पहले से उठ रहे सवालों के बीच अब एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जैसे ही सड़क में दिखाई दे रहे बड़े-बड़े छेदों और पोले कांक्रीट की खबर सामने आयी वैसे ही पीडब्ल्यूडी और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया।

सुबह-सुबह मौके पर पहुंचकर आनन-फानन में छेदों पर "मलहम-पट्टी कर दी गई, ताकि खराव निर्माण की पोल खुलने से बचाई जा सके। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बेसा चौक के पास जहां सीमेंट रोड का निर्माण हो रहा है, वहां कई जगहों पर कांक्रीट अंदर से पोला नजर आ रहा था।

सड़क पर बने गहरे छेद देखकर लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया था कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण इतना कमजोर कैसे हो सकता है? लेकिन खबर सामने आते ही जिस तेजी से मरम्मत का काम किया गया, उसने लोगों के शक को और गहरा कर दिया है।

नागरिकों का आरोप है कि यदि सब कुछ नियमों के मुताबिक हो रहा था तो फिर छेदों को छिपाने की इतनी जल्दी क्यों दिखाई गई? लोगों का कहना है कि पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच होनी चाहिए, ताकि यह सामने आ सके कि सड़क निर्माण में किस स्तर की सामग्री का उपयोग हो रहा है और कहीं जनता के पैसों से खिलवाड़ तो नहीं किया जा रहा।

कौन कर रहा निगरानी

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि 18 करोड़ रुपये की इस सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है? क्या निमर्माण एजेंसियां केवल ऊपर-ऊपर मरम्मत कर मामले को दबाने में जुटी हैं, या फिर वास्तव में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कोई ठोस व्यवस्था भी है? क्षेत्र के नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

फट सकती है यह सड़क

गौरतलब है कि बेसा चौक से अथवं नगरी तक करीब 1400 मीटर लंबी और 80 फुट चौड़ी सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना में नाली, गड्डू, डिवाइडर और सौंदयौंकरण का काम भी शामिल है।

पीडब्ल्यूडी ने यह काम पी. के. कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा है। करीब डेढ़ साल में पूरा होने वाली इस परियोजना पर लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। एक साल गुजरने के बाद अब काम में तेजी तो दिखाई दे रही है, लेकिन गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सड़क किनारे काली मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है, जो भविष्य में सड़क की मजबूती पर भारी पड़ सकता है। नागरिकों का कहना है कि यदि अभी से सड़क में पोले हिस्से और दरारों जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं, तो आने वाले समय में यह सड़क जगह-जगह से फट सकती है और दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

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