...तो चुनाव आयोग कार्रवाई करता, मालवण स्टिंग ऑपरेशन पर बोले बावनकुले, कहा- शरद पवार की टिप्पणी गलत

Chandrashekhar Bawankule on Malvan Sting: मालवण स्टिंग विवाद पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि अगर चुनाव में पैसे बांटते पकड़ा जाता तो EC कार्रवाई करता। शरद पवार की टिप्पणी को भी अनुचित बताया।
Chandrashekhar Bawankule on Malvan Sting: मालवण स्टिंग विवाद पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि अगर चुनाव में पैसे बांटते पकड़ा जाता तो EC कार्रवाई करता। शरद पवार की टिप्पणी को भी अनुचित बताया।
नीलेश राणे और चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Politics: मालवण में एक भाजपा कार्यकर्ता के घर पर स्टिंग ऑपरेशन कर पैसे मिलने का आरोप विधायक नीलेश राणे ने लगाया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि ये पैसे किसी लेन-देन या संपत्ति से संबंधित हो सकते हैं। अगर चुनाव में पैसे बांटते हुए कोई पकड़ा गया होता तो चुनाव आयोग तुरंत कार्रवाई करता।

यदि पैसे गलत तरीके से लाए गए हों तो पुलिस और चुनाव आयोग इसकी जांच करेंगे लेकिन केवल भाजपा कार्यकर्ता के घर में पैसे मिले, ऐसा कहना उचित नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के घर में जाकर स्टिंग ऑपरेशन करना या बेडरूम तक पहुंचने का अधिकार किसे है, इसकी जांच होनी चाहिए। किसी के घर में जाकर वीडियो शूट करना नियमों के खिलाफ है। वे नागपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

शरद पवार की टिप्पणी उचित नहीं

बावनकुले ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं की निधि वितरण का अधिकार सरकार का है। महायुति के तीनों दल संयुक्त रूप से निधि नियोजन करते हैं। गठबंधन में 237 विधायक हैं, इसलिए सभी को अधिकार है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेते हैं। शरद पवार ने कई वर्षों तक सरकार चलाई, निधि का वितरण किया और घोषणाओं के आधार पर चुनाव लड़े, इसलिए उन्हें हमारे निधि वितरण पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिंदे शिवसेना और राकां शरद पवार पार्टी के बीच स्थानीय स्तर पर जो छोटा गठबंधन हुआ है, उस पर शशिकांत शिंदे के खुश होने का कोई कारण नहीं है। इस तरह की स्थानीय गठबंधन अक्सर होते हैं, इनका महायुति से कोई संबंध नहीं। हम ऊपरी स्तर पर समन्वय बनाए हुए हैं।

सरकार किसानों के साथ है

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में अतिवृष्टि और बाढ़ग्रस्त किसानों के कर्ज वसूली को 1 वर्ष का स्टे देने का निर्णय लिया गया है। गरीब और पात्र किसानों की कर्जमाफी 30 जून 2026 तक पूरी कर दी जाएगी।

तब तक कोई बैंक या संस्था किसानों पर वसूली का दबाव नहीं डाल सकेगी। बीड़ और अंबरनाथ में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं स्थानीय निकाय चुनावों को कलंकित करने वाली हैं। सामाजिक माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।

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