CBI की गिरफ्त में असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, ग्रेच्युटी का पैसा देने मांगी 30,000 की रिश्वत
- Written By: नवभारत डेस्क
महाराष्ट्र में रिश्वत
नागपुर. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) नागपुर ब्रांच द्वारा असिस्टेंट लेबर कमिश्नर को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया. 2 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का चेक देने के लिए 30,000 रुपये लेते रंगेहाथ दबोचा गया. पकड़ा गया अधिकारी विनयकुमार जायसवाल बताया गया. जायसवाल सेमिनरी हिल्स स्थित उपमुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय में सहायक आयुक्त पद पर कार्यरत हैं. दोनों शिकायतकर्ता वेस्टर्न कोल फिल्ड की सिल्लेवाड़ा चनकापुर खदान में काम करते थे. पिछले वर्ष दोनों सेवानिवृत्त हुए.
शासकीय आवास खाली नहीं करने की वजह से वेकोलि ने उनका प्रकरण और ग्रेच्युटी की राशि श्रम आयुक्त कार्यालय को भेज दी. 20 जनवरी 2023 को हुई सुनवाई में जायसवाल ने उन दोनों के पक्ष में फैसला दिया लेकिन जब चेक लेने जायसवाल के कार्यालय में पहुंचे तो उन्होंने दोनों को चेक जारी करने की एवज में 30-30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी. काफी प्रयास करने के बाद जायसवाल दोनों से 15-15 हजार रुपये लेने के लिए मान गए. प्रकरण की लिखित शिकायत सीबीआई से की गई.
एसपी सलीम खान के मार्गदर्शन में सीबीआई की टीम ने वेरिफिकेशन किया जिसमें शिकायत सही पाई गई. सोमवार की शाम सीबीआई सीजीओ कांप्लेक्स में स्थित कार्यालय में जाल बिछाया. जायसवाल ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली तो सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया. रिश्वत की रकम जब्त कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया.
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गिरफ्तारी के साथ ही सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने जायसवाल के कार्यालय और निवासस्थान की भी तलाशी ली. जांच में क्या मिला यह पता नहीं चला है. सीबीआई ने नागरिकों से अपील की है कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाले किसी भी शासकीय विभाग, बैंक या इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत की मांग करें तो सीजीओ कांप्लेक्स स्थित सीबीआई कार्यालय में शिकायत करें.
