Nagpur News: अमरावती को मिल गई पुणे के लिए ट्रेन, ठगे से रह गये शहर के जनप्रतिनिधि
- Written By: नवभारत डेस्क
ट्रेन (फाइल फोटो)
नागपुर. यात्रियों की मांग को देखते हुए रेलवे ने ट्रेन 11026/25 पुणे-भुसावल-पुणे हुतात्मा एक्सप्रेस को अमरावती तक विस्तार देने का आदेश जारी कर दिया. निश्चित तौर पर यह अमरावती शहर और पूरे जिले के हजारों विद्यार्थियों, कर्मचारियों, प्रोफेशनल्स और सामान्य जनों के लिए लाभदायक होगी, जिन्हें पढ़ाई से लेकर नौकरी, व्यापार या पारिवारिक कामों से पुणे की दौड़ लगानी पड़ती है. विस्तारित ही सही, लेकिन अमरावती को पुणे के लिए सीधी और प्रतिदिन की एक ट्रेन उपलब्ध हो गई.
अमरावती को यह ट्रेन मिलना नागपुर शहर के जनप्रतिनिधियों को ठगने जैसा है क्योंकि इससे पहले शहर के लगभग हर बड़े जनप्रतिनिधि ने नागपुर और पुणे के बीच दुरांतो या वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन को पूरे विदर्भ की जरूरत बताया था. दुरांतो या वंदे भारत के बजाय यदि इस ट्रेन को नागपुर तक विस्तारित कर दिया जाता तो जनप्रतिनिधियों का विचार, वास्तविक शहरहित या विदर्भ हित में बदल जाता लेकिन रेलवे ने नागपुर के जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया और अमरावती को प्राथमिकता दे दी.
राहत मिली है, इलाज नहीं…
- ज्ञात हो कि नागपुर और पुणे के बीच सफर करने वाले यात्रियों द्वारा लगातार अपनी व्यथा सामने रखी जा रही थी.
- इसके बाद बाद रेलवे ने वर्तमान में चल रही 2 ट्रेनें में 5-5 वातानुकूलित कोचेस बढ़ाकर राहत देने का प्रयास किया.
- ध्यान देने योग्य है कि 2 जोड़ी ट्रेनों में कोचेस की संख्या बढ़ाना केवल राहत है, यात्री समस्या का इलाज नहीं.
- इन कोचेस के जरिये एक ट्रेन में अधिक से अधिक 300 यात्रियों को सीटें मिल मिल सकती है.
- इसके बावजूद हर दिन हजारों यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट या बसों के महंगा सफर में मजबूर होना पड़ रहा है.
- वर्तमान स्थिति के अनुसार इस समस्या का इलाज केवल नागपुर और पुणे के बीच एक और प्रीमियम ट्रेन ही है.
सिर्फ 70 मिनट का खेल
- ट्रेन 19025/26 सूरत-अमरावती-सूरत एक्सप्रेस, भुसावल से अमरावती 04.10 घंटे में पहुंचती है.
- ट्रेन 12289/90 मुंबई-नागपुर-मुंबई दुरांतो एक्सप्रेस भुसावल से नागपुर केवल 05.20 घंटे में पहुंचती है.
- सिर्फ 70 मिनट के सफर का खेल था जो 46 लाख से अधिक की आबादी वाले नागपुर जिले के हजारों यात्री हार गये.
- सिटी के जनप्रतिनिधि नये कोचेस में ही संतुष्ट हो गये तो रेलवे इस ओर विचार क्यों करती?
- यदि रेलवे पहले ही इस बारे में गंभीरता से सोचती तो ट्रेन 11026/25 को नागपुर तक विस्तारित किया जा सकता था.
- उनके अलावा गोंदिया, भंडारा, तुमसर, गड़चिरोली, चंद्रपुर, पांढुरना, मुलताई, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट के हजारों यात्री भी मन मसोसकर रहे गये.
