नागपुर वायु सेनानगर हादसा: पेंटिंग के दौरान गिरे मजदूर की मौत, मेयो में पोस्टमार्टम के बाद भड़के परिजन

Nagpur Worker Death: नागपुर के वायु सेनानगर में पेंटिंग के दौरान तीसरी मंजिल से गिरकर मजदूर की मौत हो गई। मुआवजे को लेकर नाराज परिजनों ने शव के साथ प्रदर्शन किया।
Nagpur Air Force Nagar Accident: Worker dies after falling while painting; family outraged after post-mortem at Mayo Hospital.
नागपुर, मजदूर मौत, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Painting Work Death: नागपुर वायु सेनानगर में इमारत की पेंटिंग के दौरान हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। ठेकेदार ने पलड़ा झाड़ने की कोशिश की जिससे परिजन आग-बबूला हो गए। परिजनों ने वायु सेना अनुरक्षण कमान मुख्यालय के गेट के बाहर शव के साथ प्रदर्शन किया। ठेकेदार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन देने के बाद माहौल शांत हुआ।

हजारी पहाड़ निवासी उमेश महादेवराव धुर्वे (50) पेंटिंग का काम करते थे। वायु सेनानगर के भीतर एक इमारत में पेंटिंग का ठेका दिलजीत सिंह भाटिया नामक ठेकेदार को मिला था। उन्होंने अन्य मजदूरों के साथ उमेश को भी काम के लिए भेजा।

पेंटिंग के दौरान मजदूर की मौत, मुआवजे को लेकर परिजनों का प्रदर्शन

मंगलवार की दोपहर तीसरे माले पर सीढ़ी लगाकर पेंटिंग का काम करते समय उमेश का संतुलन बिगड़ गया और तीसरे माले से नीचे गिरकर मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेयो अस्पताल भेजा और आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया।

3 बच्चों और पत्नी के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उमेश पर थी। ऐसे में ठेकेदार ने महज 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की बात कही। इस पर परिजन भड़क गए। बुधवार को पीएम के बाद परिजन शव लेकर वायु सेनानगर के गेट के सामने पहुंचे।

पूर्व पार्षद कमलेश चौधरी के नेतृत्व में जमकर - नारेबाजी की। कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। गिट्टीखदान पुलिस मौके पर पहुंची, चौधरी ने बताया कि ठेकेदार ने मजदूरों के लिए ईएसआईसी और पीएफ का कोई इंतजाम नहीं किया है।

10 लाख सहायता के आश्वासन के बाद शांत हुआ विवाद

काम करने वाले मजदूरों के पास सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं थे और न ही उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा गया। ठेकेदार की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। वायु सेना जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के भीतर यह काम हो रहा था। इसके पहले भी ठेकेदार की लापरवाही से मजदूर की मौत हुई है।

अधिकारियों ने ठेकेदार भाटिया को मौके पर बुलाया, उन्होंने परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता करने का आश्वासन दिया। परिजनों को 5 लाख रुपये के चेक भी प्रदान किए। गुरुवार को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और उमेश का अंतिम संस्कार किया गया।

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