

AIIMS Nagpur Resident Doctors: नागपुर एम्स में रेजिडेंट डॉक्टर से कथित मारपीट के विरोध में करीब 400 निवासी डॉक्टरों ने OPD बंद आंदोलन शुरू किया।
डॉक्टरों ने आरोपी की गिरफ्तारी, अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और उपचार व्यवस्था में कथित VIP प्राथमिकता खत्म करने की मांग की।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नागपुर में रेजिडेंट डॉक्टर से कथित मारपीट के विरोध में निवासी डॉक्टरों ने OPD बंद आंदोलन शुरू कर दिया। डॉक्टरों का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने गुरुवार सुबह से कामबंद आंदोलन शुरू किया।
डॉक्टरों ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और उपचार व्यवस्था में कथित VIP कल्चर को प्राथमिकता नहीं देने की मांग रखी है। दिनभर आंदोलन के चलते OPD सेवाएं प्रभावित रहीं और अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें दिखाई दीं।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले 66 वर्षीय राम सिंह को एम्स के मेडिसिन विभाग के वार्ड क्रमांक 504 में भर्ती किया गया था। सोमवार रात उनकी तबीयत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल ICU में स्थानांतरित किया गया। डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति की जानकारी परिजनों को दी थी।
रात करीब 1 बजे मरीज को सांस लेने में परेशानी होने लगी। इसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखने के लिए परिजनों की अनुमति मांगी गई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टर वरिष्ठ चिकित्सकों के निर्देशानुसार उपचार कर रहे थे।
मंगलवार सुबह मरीज के परिजन ICU में पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टर से विवाद करने लगे। मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और अन्य वरिष्ठ डॉक्टर भी वहां मौजूद थे।
डॉक्टरों का आरोप है कि परिजनों ने पहले रेजिडेंट डॉक्टर से गाली-गलौज की और फिर पीछे से उनकी पीठ पर हमला किया। इसके बाद कॉलर पकड़कर उन्हें नीचे गिरा दिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों में नाराजगी फैल गई।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नागपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों के अनुसार, उन्होंने गुरुवार सुबह तक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रतीक्षा की। लेकिन प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद करीब 400 निवासी डॉक्टर सुबह 8.30 बजे से कामबंद आंदोलन पर चले गए।
OPD बंद होने से अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं और कई विभागों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति दिखाई दी। डॉक्टरों का कहना है कि मारपीट के आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती मामला दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं की गई।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। वहीं, मामले में अस्पताल प्रशासन और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है।