

Nagpur Aided School Staff Recruitment: नागपुर अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भर्ती का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने कनिष्ठ लिपिक, पूर्णकालिक ग्रंथपाल और प्रयोगशाला सहायक इन तीन संवर्गों के 80 प्रतिशत रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है।
इससे राज्य में करीब 23 हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हुआ है। नागपुर जिले में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। जिले के 819 अनुदानित स्कूलों में लिपिक और प्रयोगशाला सहायकों के करीब 400 पद भरे जाने की संभावना है।
शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भर्ती पर करीब 14 वर्षों से लगी अघोषित ब्रेक के बाद अब प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। शालेय शिक्षा विभाग ने 11 अगस्त 2026 को शासन निर्णय जारी कर भर्ती के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इससे नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। जिले में बड़ी संख्या में अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल हैं।
इनमें लंबे समय से लिपिक और प्रयोगशाला सहायकों के पद रिक्त पड़े हैं। अब 80 प्रतिशत रिक्त पद भरने की मंजूरी मिलने के बाद जिले के 819 अनुदानित स्कूलों में करीब 400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हालांकि वास्तविक रिक्तियों की संख्या संचमान्यता के आधार पर तय होगी। इसके लिए पहले संबंधित स्कूलों में मंजूर, कार्यरत और रिक्त पदों की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
राज्य में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के करीब 30 हजार मंजूर पद हैं।
इनमें प्रमुख रूप से कनिष्ठ लिपिक के करीब 25 हजार मंजूर पद हैं। 80 प्रतिशत के नियम के अनुसार लगभग 18,400 पद भर्ती के दायरे में आएंगे।
प्रयोगशाला सहायक के करीब 6,500 पद मंजूर हैं। इनमें से 5 हजार से अधिक पद भरे जा सकेंगे।
इन दोनों संवगों को मिलाकर करीब 23 हजार पदों पर भर्ती का मार्ग खुला है। पूर्णकालिक ग्रंथपाल संवर्ग के रिक्त पद भी सरकार के 80 प्रतिशत भर्ती निर्णय के दायरे में हैं।
भर्ती शुरू करने से पहले संबंधित संवर्ग की बिंदुनामावली (रोस्टर) की पिछड़ा वर्ग कक्ष से जांच कराना अनिवार्य होगा।
परमाणित बिंदुनामावली और निर्धारित प्रारूप में विज्ञापन के साथ प्रस्ताव संबंधित शिक्षा अधिकारी या विभागीय शिक्षा उपनिदेशक के पास भेजना होगा।
राज्य सरकार ने 4 अप्रैल 2025 के शासन निर्णय के माध्यम से सीधी भर्ती कोटे के कुल रिक्त पदों में से 80 प्रतिशत पद भरने को मंजूरी दी थी लेकिन संचमान्यता प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 28 मई 2025 को शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगा दी थी।
अब यह रोक हटा दी गई है। नई गाइडलाइन के अनुसार संचमान्यता और रोस्टर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भर्ती आगे बढ़ सकेगी।
रिक्त पदों को सीधे भर्ती से भरने से पहले पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नियमित नियुक्ति पर कार्यरत पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपलब्ध होने पर उन्हें संबंधित पद पर पदोन्नति दी जाएगी।
पदोन्नति के बाद भी पद रिक्त रहने पर अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद बची हुई रिक्तियों को निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा।
भर्ती का रास्ता खुलने से शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। हालांकि कनिष्ठ महाविद्यालय से जुड़े स्कूलों और स्कूल-कॉलेजों की संचमान्यता का मुद्दा अभी पूरी तरह हल नहीं हुआ है।
विजुक्टा महासचिव, अशोक गव्हाणकर ने बताया की कई वर्षों की प्रतीक्षा के बाद माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि कनिष्ठ महाविद्यालय से जुड़े स्कूल-कॉलेजों की संचमान्यता का पेंच अभी कायम है। सरकार को इसे भी जल्द सुलझाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक रिक्त पदों पर भतीं हो सके।