

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत के बाद एड. अभिजीत वंजारी ने चुनावी रणनीति साझा की।
उन्होंने जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत और जमीनी संपर्क को दिया।
मतदाता पंजीयन के बाद संपर्क अभियान को और तेज किया गया।
स्कूलों और कॉलेजों के प्राध्यापकों से लगातार संवाद किया गया।
Abhijit Wanjari Victory Strategy: नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मिली शानदार जीत का श्रेय बेहतर नियोजन, कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और जमीनी संपर्क को जाता है।
चुनाव नतीजों के बाद 'नवभारत' से विशेष बातचीत करते हुए नवनिर्वाचित विधायक एड. अभिजीत वंजारी ने अपनी रणनीति और चुनावी अनुभव साझा किए।
नागपुर जिले में किसी भी चुनाव में जीत के लिए नियोजन, संपर्क, संगठनात्मक सहयोग और समर्थन जरूरी होता है। पिछले चुनाव की तरह ही इस बार भी संपर्क अभियान जारी रखा।युवाओं के रोजगार के लिए हर जिले में हर वर्ष आयोजित 'रोजगार मेला' भी कारगर साबित हुए।
यह विचार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक एड. अभिजीत वंजारी ने व्यक्त किए, 'नवभारत' से खास बातचीत में वंजारी ने बताया कि चुनाव में पार्टी का पूरा सहयोग किया, हालांकि संपर्क अभियान शुरुआत से ही जारी था लेकिन मतदाता पंजीयन प्रक्रिया के बाद से और गति मिली।
पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत रूप से सहयोग किया। यह जीत भी उन्हीं की है। अभिजीत वंजारी ने बताया कि नियोजन में विविध तरह के फैक्टर थे।
नये मतदाता बनाने के साथ ही मतदान के दिन तक उनसे संपर्क जारी रखा गया। स्कूलों सहित कॉलेजों में प्राध्यापकों से सतत संपर्क रहा, कैलकुलेटेट प्लानिंग का भरपूर लाभ मिला।
पहले चुनाव में बनाई गई रणनीति के तहत इस बार भी नियोजन किया गया था लेकिन इस बार चुनौती अधिक थी। आत्मविश्वास तो था लेकिन जमीनी हकीकत का भी आकलन करते रहे। चुनावी समीकरण बदलने का पहले से ही आभास था।
इस हिसाब से तैयारी भी की। पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एकजुटता रही कायम पार्टी स्तर पर पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं की नाराजगी की दूर किया गया। इससे अधिकाधिक पंजीयन हो सका।