रत्नागिरी के जंगल में लकड़ी बीनते वक्त फटा देसी बम; महिला का हाथ झुलसा, इलाके से 25 जिंदा बम मिलने से हड़कंप

Ratnagiri Jambhari Phata Bomb Blast Recovery: रत्नागिरी के जंभारी फाटा में लकड़ी बीनते समय देसी बम फटने से महिला गंभीर। पुलिस ने मौके से 25 जिंदा बम किए बरामद।
Jambhari Phata Bomb Blast
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Jambhari Phata Bomb Blast: कोंकण के शांत माने जाने वाले रत्नागिरी जिले के ग्रामीण अंचल में इस विस्फोट के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। जंभारी फाटा की रहने वाली रेशमा प्रमोद सुर्वे मंगलवार सुबह अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने जंगल की तरफ गई थीं। झाड़ियों के बीच उन्हें एक बंडल जैसी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। अनजाने में जैसे ही रेशमा ने उसे हाथ में उठाया, उसमें एक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट की आवाज इतनी भीषण थी कि आसपास के गांवों के लोग भी डर के मारे मौके की तरफ दौड़ पड़े।

खून से लथपथ रेशमा को ग्रामीणों की मदद से तुरंत रत्नागिरी जिला अस्पताल पहुंचाया गया। धमाके के सीधे संपर्क में आने के कारण उनके बाएं हाथ की उंगलियों के चिथड़े उड़ गए थे। जिला अस्पताल के सर्जनों ने उनकी गंभीर स्थिति और अंदरूनी चोटों को देखते हुए बेहतर प्लास्टिक सर्जरी और सघन इलाज के लिए उन्हें तुरंत मुंबई रेफर करने की सलाह दी, जिसके बाद उन्हें मुंबई ले जाया गया है।

जंगल छानने उतरी पुलिस के भी उड़े होश

इस सनसनीखेज ब्लास्ट की खबर मिलते ही जयगढ़ पुलिस स्टेशन की टीमें और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दलबल के साथ जंभारी के जंगलों में पहुंच गए। जब स्थानीय पुलिस ने खोजी कुत्तों और मेटल डिटेक्टर की मदद से पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पुलिस को झाड़ियों में छिपाकर रखे गए 20 से 25 बेहद खतरनाक जिंदा देसी बम बरामद हुए।

शिकारी सिंडिकेट या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा?

इतनी भारी मात्रा में रिहायशी इलाके के पास विस्फोटक मिलने के बाद पुलिस ने पूरे जंभारी फाटा क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से सील कर दिया है। बम निरोधक दस्ते (BDDS) को बुलाकर सभी 25 जिंदा बमों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को अंदेशा है कि यह बम जंगली सुअरों और अन्य जानवरों का अवैध शिकार करने वाले शिकारियों ने वहां छिपाकर रखे होंगे। हालांकि, पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई और बड़ी आपराधिक या असामाजिक साजिश तो नहीं थी।

इलाके में भारी दहशत का माहौल

इस घटना के बाद से रत्नागिरी के ग्रामीण इलाकों में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण अब अपने मवेशियों को चराने या खेती के काम से जंगलों की तरफ जाने में कतरा रहे हैं। जयगढ़ पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने खेत, कुएं या झाड़ियों के पास कोई भी लावारिस कपड़ा, प्लास्टिक बैग या सुतली से बंधी वस्तु दिखाई दे, तो उसे छुए बिना तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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