BKC फर्जी PMO आईकार्ड केस: रोहन पारिख का नया दावा, कहा- परिवार को प्रभावित करने के लिए बनाया था फर्जी कार्ड

Maharashtra Crime News: बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा में फर्जी PMO आईकार्ड से घुसे रोहन पारिख ने दावा किया कि उसने परिवार को प्रभावित करने के लिए यह कार्ड बनाया था। पुलिस जांच में जुटी है।
Rohan Parikh's new claim: Says the fake card was created to influence the family
फर्जी पीएमओ आईकार्ड बीकेसी गिरफ्तारी रोहन पारिख सोर्स- सोशल मीडिया
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Fake PMO ID Card BKC Arrest: बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार 24 वर्षीय रोहन पारिख ने पुलिस पूछताछ में कार्ड बनाने की वजह बताई है। पुलिस के अनुसार, पारिख ने दावा किया कि उसने यह कार्ड अपने परिवार को प्रभावित करने के लिए तैयार किया था।

परिवार को दिखाना चाहता था महत्वपूर्ण काम

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान पारिख ने कहा कि वह चाहता था कि उसके परिवार को लगे कि वह कोई अच्छा और महत्वपूर्ण काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से उसने PMO का डिजिटल पहचान पत्र तैयार किया।

हालांकि, पुलिस आरोपी के इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी PMO पहचान पत्र बनाने के पीछे कोई अन्य उद्देश्य तो नहीं था।

7 सितंबर को BKC मॉल पहुंचा था

पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर को पारिख अपने साथी दिलीप कुंडे (49) और एक अन्य व्यक्ति प्रथमेश बागुल के साथ जियो वर्ल्ड प्लाजा पहुंचा था। वहां पारिख ने सुरक्षा कर्मचारियों को डिजिटल PMO पहचान पत्र दिखाया।

पुलिस का कहना है कि पहचान पत्र देखने के बाद तीनों को मॉल में प्रवेश मिल गया। अंदर जाने के बाद उन्होंने एक परफ्यूम और एक वॉलेट खरीदा और फिर वहां से बाहर निकल गए।

हथियार मिलने के बाद हुआ विवाद

अधिकारी के मुताबिक, बाद में कुंडे के पास हथियार मिलने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों और दोनों के बीच बहस हुई। इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ी और पारिख के कथित फर्जी PMO पहचान पत्र के इस्तेमाल का मामला सामने आया।

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2024 में PMO में चयन का भी दावा

पूछताछ में पारिख ने मुंबई पुलिस को यह भी बताया कि उसे वर्ष 2024 में PMO में किसी पद के लिए चयन की पुष्टि करने वाला एक ईमेल मिला था। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि ऐसा कोई ईमेल वास्तव में उसे मिला था या नहीं और उसकी वास्तविकता क्या है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी द्वारा परिवार को प्रभावित करने के लिए फर्जी पहचान पत्र बनाने की बताई गई वजह की जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित कारणों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।

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