11 साल में बिहार को क्या मिला? SIR विरोध पर संजय राउत ने दिया बड़ा अपडेट, विपक्ष को UBT का सपोर्ट

SIR Protest in Bihar: बिहार में एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन जारी है। इस एसआईआर विरोध को लेकर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने बड़ा अपडेट दिया है।
SIR Protest in Bihar: बिहार में एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन जारी है। इस एसआईआर विरोध को लेकर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने बड़ा अपडेट दिया है।
संजय राउत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Sanjay Raut on SIR: बिहार में एसआईआर का मुद्दा आसानी से खत्म होने वाला नहीं दिखाई दे रहा है। कांग्रेस एसआईआर के विरोध में खड़ी है। कांग्रेस के साथ उनका इंडिया अलायंस कदम-से-कदम मिलाकर एसआईआर का विरोध कर रहा है। राहुल गांधी अपनी वोटर अधिकार यात्रा के दौरान जनता का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे है। इस यात्रा का शिवसेना यूबीटी ने अपनी ओर से समर्थन किया है।

मुंबई, महाराष्ट्र: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, "चुनाव आयोग और एसआईआर के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा जारी रहेगी। हमने एसआईआर का विरोध किया है। बिहार जैसे राज्यों में, जहां वोटों में हेराफेरी हो रही है, लाखों ही नहीं, बल्कि करोड़ों मतदाताओं के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है और बिहार में राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा का पूरे राज्य में असर पड़ा है, इसलिए ऐसी बैठकें जारी रहेंगी।"

एसआईआर के खिलाफ विरोध जारी रहेगा - राउत

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, "बिहार एसआईआर के खिलाफ विरोध जारी रहेगा। वोट चोरी हो रही है और मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। यह एक गंभीर मामला है।"

तेजस्वी यादवा का किया समर्थन

इससे पहले, RJD नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर सरकार पर आरोप लगाया था। तेजस्वी के आरोपों का संजय राउत ने समर्थन किया। संजय राउत ने कहा, "तेजस्वी यादव बिल्कुल सही कह रहे है। बिहार को 11 साल में क्या मिला है। आज भी बिहार में रोजगार के लिए युवाओं का पलायन जारी है। अगर 11 साल में मोदी कुछ करते तो युवाओं का पलायन नहीं होता और वे अपने राज्य, अपने शहर में अपने गांव में रहकर ही उन्हें रोजगार मिलता।"

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक पोस्ट कर एनडीए की सरकार पर पिछले 20 वर्षों में राज्य की दो पीढ़ियों को बर्बाद करने का आरोप लगाया था और 10 सवाल पूछे थे। उन्होंने एनडीए पर हमला करते हुए कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री के 20 सालों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी 11 सालों की डबल इंजन सरकार ने बिहार की 2 पीढ़ियों का जीवन बर्बाद किया है। तेजस्वी यादव ने दस सवालों की एक सूची जारी की है, जिसमें मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि जब सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के नेता वोट मांगने आएं, तो उनसे गरीबी, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और राज्य की जर्जर स्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर सवाल पूछें थे।

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