

पश्चिम रेलवे के सभी 6 मंडलों और 5 कारखानों में अभियान चलाया जा रहा है।
5 नवंबर को वलसाड के धरमपुर रोड स्थित SBI शाखा में विशेष शिविर लगा।
चर्चगेट मुख्यालय और विरार स्टेशन पर भी अभियान चलाया गया।
Western Railway Campaign For Pensioners: रेलवे के पेंशनभोगियों को अब अपना जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा करने के लिए अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान 5.0 के तहत विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अभियान के अंतर्गत पश्चिम रेलवे ने अब तक कुल 2,023 डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा किए हैं। इस पहल का उद्देश्य पेंशनरों को घर के नजदीक अथवा सुविधाजनक स्थानों पर डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में मदद करना है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, पश्चिम रेलवे के सभी 6 मंडलों और पांच कारखानों के समन्वित प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है। अभियान के तहत पेंशनभोगियों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने और जमा करने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी कड़ी में सहायक वित्त सलाहकार (वर्क्स एवं स्टोर्स), लोअर परेल के कार्यालय की ओर से 5 नवंबर को वलसाड के धरमपुर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में विशेष सुविधा शिविर आयोजित किया गया। यहां रेलवे कर्मचारियों ने बैंक पहुंचने वाले पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने में मदद की। साथ ही उन्हें डीएलसी अभियान 5.0 और इसके फायदों की जानकारी भी दी गई।
इसके अलावा चर्चगेट मुख्यालय, विरार स्टेशन, वडोदरा मंडल, भावनगर परा तथा दाहोद कारखानों में भी विशेष अभियान चलाए गए। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक पेंशनभोगियों तक डिजिटल प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण पत्र एक इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण है, जिसके माध्यम से पेंशनभोगी अपनी जीवित होने की पुष्टि डिजिटल तरीके से कर सकते हैं। इसे जमा करने से पेंशन जारी रखने की प्रक्रिया में आवश्यक जीवन प्रमाण प्रस्तुत करना आसान होता है।
डिजिटल सुविधा और विशेष सहायता शिविरों के कारण बुजुर्ग पेंशनरों को बैंक या संबंधित कार्यालयों में बार-बार जाने की परेशानी कम हो सकती है।