

Western Railway Encroachment Drive: पश्चिम रेलवे ने मुंबई की जीवनरेखा माने जाने वाले चर्चगेट-विरार उपनगरीय रेल कॉरिडोर के किनारे रेलवे भूमि पर बने करीब 9,500 अवैध अतिक्रमणों को हटाने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। बांद्रा के गरीब नगर में हाल ही में करीब 500 अवैध ढांचे हटाने के बाद अब रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि शेष अतिक्रमणों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
रेलवे का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल जमीन खाली कराना नहीं, बल्कि रेल सुरक्षा बढ़ाना, रखरखाव कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर करना और भविष्य की आधारभूत परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना है। पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गरीब नगर में चलाया गया अभियान किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पूरे चर्चगेट-विरार रेल कॉरिडोर से रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
अधिकारी के अनुसार कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में लगभग 9,500 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किए गए है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग चरणों में हटाया जाएगा। चर्चगेट-विरार खंड देश के सबसे व्यस्त उपनगरीय रेल मार्गों में शामिल है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री सफर करते हैं। मुंबई रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रैक और रेलवे भूमि पर बने अवैध निर्माण सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते है।
इसके अलावा इन अतिक्रमणों के कारण ट्रैक रखरखाव, सिग्नलिंग कार्य, स्टेशन विस्तार और नई रेलवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी लगातार बाधाएं आती हैं। रेलवे का मानना है कि अतिक्रमण हटने से न केवल परिचालन क्षमता और सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में स्टेशन आधुनिकीकरण, अतिरिक्त रेल लाइनों, यात्री सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक आगामी कार्रवाई पूरी योजना और समन्वय के साथ की जाएगी।