

Nariman Point Cuffe Parade Sea Bridge: दक्षिण मुंबई की दो बहुप्रतीक्षित मेगा परियोजनाओं नरीमन प्वाइंट-कफ परेड 1।6 किलोमीटर लंबे समुद्री पुल और कफ परेड मरीना परियोजना का भविष्य अब महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण के फैसले पर टिका है। 23 जुलाई को होने वाली बैठक में दोनों परियोजनाओं को आवश्यक सीआरजेड मंजूरी मिलने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मंजूरी मिलते ही वर्षों से अटकी इन योजनाओं का निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। समुद्री पुल से नरीमन प्वाइंट और कफ परेड के बीच सफर घटकर करीब पांच मिनट रह जाएगा, जबकि मरीना परियोजना दक्षिण मुंबई में समुद्री पर्यटन, जल परिवहन और तटीय बुनियादी ढांचे को नई गति देने का आधार बनेगी।
एमसीजेडएमए के समक्ष रखा गया पहला प्रस्ताव मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की ओर से नरीमन प्वाइंट और कफ परेड को जोड़ने वाले 1।6 किलोमीटर लंबे समुद्री पुल का है। वर्ष 2022 में इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी कर लार्सन एंड टुब्रो को निर्माण कार्य सौपा गया था, लेकिन वैधानिक मंजूरियों में देरी, पहले मिली पर्यावरणीय अनुमति की अवधि समाप्त होने और मछुआरा समुदाय के विरोध के कारण काम शुरू नहीं हो सका।
मछुआरा समुदाय ने पुल से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई थी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी परियोजना शुरू करने से पहले मछुआरों और स्थानीय निवासियों से व्यापक संवाद की मांग की थी।
अब परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए नए सिरे से सीआरजेड मंजूरी आवश्यक है। यह समुद्री पुल दक्षिण मुंबई के सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इसके निर्माण से नरीमन प्वाइंट और कफ परेड के बीच यात्रा का समय घटकर करीब पांच मिनट रह जाएगा।
फिलहाल वाहन चालकों को कैप्टन प्रकाश पेठे मार्ग से होकर मंत्रालय, मैडम कामा रोड, फोर्ट और मनोरा क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले मार्गों से गुजरना पड़ता है। परियोजना का एक और बड़ा लाभ यह होगा कि यह मुंबई कोस्टल रोड को प्रिंसेस स्ट्रीट इंटरचेंज से बेहतर
23 जुलाई को एमसीजेडएमए की बैठक में होने वाला फैसला इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। यदि सीआरजेड मंजूरी मिलती है तो दक्षिण मुंबई शहर में परिवहन कनेक्टिविटी, तटीय पर्यटन और समुद्री बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी, जबकि पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।