

गरीब नगर में वेस्टर्न रेलवे ने 94 संरचनाओं को ध्वस्त किया।
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई।
बांद्रा टर्मिनस पर नया प्लेटफॉर्म (PF-8) बनेगा।
ट्रेनों के लिए स्टेबलिंग फैसिलिटीज विकसित होंगी।
Western Railway Bandra Terminus Expansion Plan: मुंबई में वेस्टर्न रेलवे ने बांद्रा (पूर्व) स्थित गरीब नगर इलाके में बुनियादी ढांचे के विस्तार के रास्ते में आ रहे शेष 94 अवैध और अस्थाई निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी है। इससे पहले मई महीने में भी इस इलाके में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। हालांकि, उस समय पात्र लोगों के सुचारु पुनर्वास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन 94 संरचनाओं को छोड़ दिया गया था।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने अब इन सभी 94 पात्र प्रभावितों को रहने के लिए स्थायी आवास आवंटित कर दिए हैं और उन्हें उनका कब्जा भी सौंप दिया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा 23 अक्टूबर को दिए गए आदेश के अनुपालन में वेस्टर्न रेलवे ने यह ध्वस्तीकरण कार्रवाई शुरू की है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया था कि पात्र व्यक्ति एक सप्ताह के भीतर जमीन खाली कर दें, जिसके तुरंत बाद अगले 48 घंटों के भीतर रेलवे अधिकारी ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को पूरा करें।
गरीब नगर इलाके की इस जमीन के पूरी तरह खाली होने से बांद्रा क्षेत्र में रेलवे के एक बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। इस जमीन का उपयोग बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में एक एकीकृत आधुनिक रेलवे कॉम्प्लेक्स के विकास के लिए किया जाएगा।
बांद्रा टर्मिनस पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म नंबर 8 का निर्माण किया जाएगा। साथ ही ट्रेनों को खड़ा करने की सुविधाओं (स्टेबलिंग फैसिलिटीज) का विस्तार होगा।
ट्रेनों के रखरखाव (मेंटेनेंस) से जुड़े बुनियादी ढांचे का विस्तार और सुधार किया जाएगा, जिसमें सहायक रखरखाव सुविधाओं को दूसरी जगह ले जाना या उनका विकास करना शामिल है। यात्रियों के आने-जाने की बेहतर व्यवस्था, वेटिंग एरिया और अन्य सहायक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
बता दें कि ये कार्य पश्चिमी रेलवे की उस व्यापक योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत बांद्रा क्षेत्र को एक एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स में बदला जाएगा। इससे यात्रियों को संभालने की क्षमता और परिचालन क्षमता में काफी सुधार होगा।
जमीन खाली होने से इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को फायदा होगा और मुंबई की उपनगरीय (सबरबन) तथा लंबी दूरी की रेलवे कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।