

Anti Cyclone Arabian Sea: मुंबई इस समय जहरीली हवा और जानलेवा गर्मी का दोहरा अटैक झेल रही है। मुंबईकर एक नहीं दो समस्या से जूझ रहे हैं। बुधवार को मुंबई के कई इलाकों का AQI 200 का करीब रहा जो पुअर श्रेणी में दर्ज होता है, वहीं बुधवार को तपमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज हुआ। तापमान की अगर बात करें तो मंगलवार को सबसे अधिक 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। लेकिन राहत कि बात ये है कि आज से मुंबई की भीषण गर्मी कम हो जाएगी।
मुंबई में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और 'लू' जैसे हालात से अब राहत मिलने वाली है। अरब सागर की ओर बढ़ते एंटी-साइक्लोन (Anti-Cyclone) के चलते मुंबई के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। पिछले कुछ दिनों में मुंबई का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर को पार कर गया था, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान और गुजरात से आने वाली गर्म हवाओं का प्रभाव अब कम हो रहा है, जिससे गुरुवार से शहर के तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की कमी आने की संभावना है।
यह गर्मी मुख्य रूप से उस एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण थी जो राजस्थान से होते हुए गुजरात और फिर उत्तरी महाराष्ट्र की ओर बढ़ा था। इसके प्रभाव से समुद्र की ठंडी हवाएं (Sea Breeze) शहर तक नहीं पहुंच पा रही थीं और गर्म खुश्क हवाओं ने मुंबई को तपा दिया था। अब यह सिस्टम अरब सागर की ओर खिसक गया है, जिससे समुद्री हवाओं का प्रवाह फिर से शुरू होगा और मुंबईकरों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत मिलेगी।
मौसम विशेषज्ञ ऋषिकेश आगरे ने नवभारत को बताया, गुरुवार से मुंबई का अधिकतम तापमान एक बार फिर सामान्य स्तर यानी 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की उम्मीद है। पिछले 48 घंटों में मुंबईवासियों ने जिस झुलसाने वाली गर्मी का सामना किया है, वह अब धीरे-धीरे कम होगी। हवा की दिशा में बदलाव होने के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे दोपहर के समय महसूस होने वाली शुष्कता कम हो जाएगी। हालांकि, तापमान गिरने के बावजूद उमस (Humidity) थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन 40 डिग्री वाली तपिश से निश्चित तौर पर निजात मिलेगी।
मुंबई में अचानक हुई इस तापमान वृद्धि के पीछे राजस्थान और गुजरात के ऊपर बना वायुमंडलीय दबाव का क्षेत्र था। वहां से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं ने मुंबई के तटीय ठंडे वातावरण को प्रभावित किया था। जब यह सिस्टम जमीन के ऊपर होता है, तो यह गर्म हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है, जिससे 'कंप्रेशनल हीटिंग' (Compressional Heating) होती है। अब चूंकि यह सिस्टम अरब सागर की ओर शिफ्ट हो गया है, इसलिए मुंबई पर इसका सीधा असर खत्म हो जाएगा और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं शहर को 'कूल' कर देंगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मुंबई के सायन, भांडुप, घाटकोपर, अंधेरी और मजगांव जैसे इलाके वायु प्रदूषण के खराब श्रेणी में दर्ज हुए। वायु गुणवत्ता सूचकांक की अगर बात करें तो सायन में एक एक्यूआई का स्तर 189, भांडुप में 180, घाटकोपर में 176, मझगांव में 171, अंधेरी पूर्व में 170 दर्ज किया गया। 100 से 200 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी माना जाता है। वायु प्रदूषण की वजह से मुंबईकरों पर स्वास्थ्य समस्या का खतरा बढ़ा हुआ है। आने वाले वक्त में मुंबई से भीषण गर्मी का साया कुछ समय के लिए तो हट जाएगा लेकिन निरंतर खराब हो रही वायु गुणवत्ता से मुंबई को जल्द निजात मिलती नहीं दिख रही है।
इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ रोहित हेगड़े ने नवभारत को बताया वायु प्रदूषण की वजह से हवा में हानिकारक PM2.5 और PM10 कण बढ़ गए हैं। जिसकी वजह से श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ी रही हैं, फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है। लगातार खांसी, कफ, निमोनिया और अस्थमा के मामले बढ़ गए हैं। खांसी हफ्तों तक बनी रहती है। वायु प्रदूषण के कारण त्वचा और आंखों में संक्रमण बढ़ रहा है। आंखों में जलन और पानी आने की शिकायतें आम हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर प्रदूषण का सीधा असर मूड स्विंग, तनाव, थकान और आलस के रूप में दिख रहा है।
मुंबई तापमान में अचानक आने वाले इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 40 डिग्री से सीधे 33 डिग्री तक तापमान गिरना शरीर के इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग सीधे धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीने या एसी (AC) में बैठने से बचें। हालांकि मौसम सुहाना होने वाला है, फिर भी दोपहर के समय हाइड्रेटेड रहना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है। गुरुवार शाम से समुद्री हवाओं के चलने से शाम के समय मौसम काफी सुखद होने की संभावना है।