मुंबई समेत एमएमआर में हीट वेव का खतरा, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Mumbai Heatwave Yellow Alert: मुंबई और आसपास के एमएमआर क्षेत्र में भीषण गर्मी का असर बढ़ गया है। IMD ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
Mumbai Heatwave
मुंबई हीटवेव (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Weather Heatwave Forecast: मार्च की शुरुआत के साथ ही सूरज ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को मायानगरी और आसपास के उपनगरों में भीषण गर्मी का प्रकोप देखा गया।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर हीट वेव और अत्यधिक उमस की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान के ऊपर बने एक 'एंटी-साइक्लोन' के कारण चलने वाली गर्म हवाओं ने कोंकण तट के तापमान को सामान्य से काफी ऊपर पहुंचा दिया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत ही पसीने छुड़ाने वाली गर्मी से हुई है।

जहां मुंबई के उपनगरों में पारा 38।9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, वहीं ठाणे और नवी मुंबई जैसे इलाकों में तापमान 40 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया है। आने वाले दिनों में गर्मी के और प्रचंड होने की आशंका है, जिससे अप्रैल और मई की तपिश का अहसास अभी से होने लगा है।

राजस्थान का 'एंटी-साइक्लोन' बना मुख्य कारण

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में राजस्थान के ऊपर एक शक्तिशाली एंटी-साइक्लोन बना हुआ है। इसके प्रभाव से शुष्क और गर्म हवाएं पूर्व की दिशा से मुंबई और एमएमआर (एमएमआर) क्षेत्र की ओर बह रही हैं। मौसम विशेषज्ञ राजेश कपड़िया के अनुसार, जब तक यह सिस्टम अरब सागर की ओर नहीं खिसकता, तब तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। कल्याण-डोंबिवली जैसे दूरदराज के उपनगरों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।

सेहत पर खतरा और डॉक्टरों की सलाह

इस तपिश ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी जन्म दिया है। चिकित्सकों के मुताबिक तापमान में इस तरह का उछाल अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए घातक हो सकता है। गर्मी से बचने के लिए लोग अक्सर सड़क किनारे मिलने वाले ठंडे पेय और खुले खाद्य पदार्थों जैसे पानी-पुरी या भेल का सहारा लेते हैं, जिससे टाइफाइड, गैस्ट्रोएन्टराइटिस और गले के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से कच्चा सलाद और सड़क किनारे का खाना न खाने की सलाह दी है।

हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय

प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोघहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर निकलना जरूरी हो, तो सिर को ढंककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नींबू पानी का सेवन कर शरीर को हाइड्रेट रखें।

रात के समय भी तापमान 23-24 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है, जिससे लोगों को रात में भी बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि शुष्क मौसम के कारण हीट वेव का प्रभाव और बढ़ सकता है।

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