विरार हादसा: रहिवासियों का आरोप, नोटिस और चेतावनी के बाद भी बिल्डर ने नहीं की मरम्मत, 17 की मौत

Virar News: विरार की इमारत दुर्घटना में 17 लोगों की मौत हुई। रहिवासियों का आरोप है कि नगर पालिका की नोटिस और पहले गिरे हिस्से के बावजूद बिल्डर ने मरम्मत नहीं कराई। हादसा टल सकता था।
विरार बिल्डिंग हादसा (pic credit; social media)
विरार बिल्डिंग हादसा (pic credit; social media)
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Maharashtra News: विरार पूर्व के नारंगी इलाके में मंगलवार को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह दुर्घटना टल सकती थी, यदि बिल्डर ने समय रहते मरम्मत कराई होती। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी।

रहिवासियों के अनुसार, घटना से दो दिन पहले ही इमारत का कुछ हिस्सा गिरा था। इसकी जानकारी बिल्डर को दी गई थी, लेकिन उसने न तो कोई मरम्मत कराई और न ही इमारत में रहने वाले अन्य परिवारों को खतरे के बारे में चेताया।

रहिवासियों का आरोप

राबाई अपार्टमेंट निवासी रमेश शिरके ने बताया कि घटना की रात उनका परिवार गणपति दर्शन के लिए बाहर गया था, जिससे उनकी जान बच गई। लेकिन उनकी साली शुभांगी सहेनी और उनकी बेटी कशिश इस हादसे में मारे गए। उन्होंने कहा कि हादसे से कुछ दिन पहले भी स्लैब का हिस्सा गिरा था, लेकिन जब इसकी शिकायत बिल्डर से की गई तो उसने मरम्मत कराने के बजाय विवाद किया।

रामाचाई अपार्टमेंट के निवासी अनिल गोरीवले ने बताया कि वसई-विरार महानगरपालिका ने चार महीने पहले भी बिल्डिंग के संबंध में नोटिस जारी की थी। बावजूद इसके बिल्डर मित्तल साने ने इसे दबा दिया और किसी रहिवासी को जानकारी नहीं दी।

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी संजय खांडेकर का कहना है कि घटना से दो दिन पहले भी इमारत का एक हिस्सा गिरा था। बिल्डर को सूचित किया गया था, लेकिन उसने सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। लापरवाही के चलते इमारत ढह गई और कई लोगों की जान गई।

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