

Western Railway Construction Chief: भारतीय रेल इंजीनियर्स सेवा के 1993 बैच के वरिष्ठ अधिकारी विनीत कुमार श्रीवास्तव ने 22 सितंबर को पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण का कार्यभार संभाल लिया।
विनीत कुमार श्रीवास्तव को रेलवे इंजीनियरिंग, निर्माण, परियोजना क्रियान्वयन और प्रशासन के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारतीय रेल में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
श्रीवास्तव जनवरी 1995 में भारतीय रेल से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की निगरानी की। इंजीनियरिंग क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव में बुनियादी ढांचा विकास, परियोजनाओं का क्रियान्वयन और प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
पश्चिम रेलवे में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) का पद संभालने से पहले भी उन्होंने रेलवे के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। विनीत कुमार श्रीवास्तव ने रेलवे में अपने सेवाकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में मंडल रेल प्रबंधक के रूप में सेवाएं दी हैं।
इसके अलावा उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में मुख्य इंजीनियर, मुख्य परियोजना निदेशक और वरिष्ठ उप महाप्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने रेलवे इंजीनियरिंग, निर्माण और परियोजना क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभाली।
श्रीवास्तव की शैक्षणिक योग्यता भी इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़ी है। उनके पास बीई के साथ-साथ एमटेक की डिग्री है, जिससे उनके तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव को मजबूती मिली है।
नए पद पर विनीत कुमार श्रीवास्तव पश्चिम रेलवे के निर्माण विभाग का नेतृत्व करेंगे। उनके कार्यक्षेत्र में पूरे जोन में चल रही विभिन्न बुनियादी ढांचा और क्षमता संवर्धन परियोजनाएं शामिल होंगी। वे इन परियोजनाओं की योजना तैयार करने से लेकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन तक की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
रेलवे से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति, परियोजनाओं की समयबद्धता और आवश्यक समन्वय पर भी उनका ध्यान रहेगा। पश्चिम रेलवे में यात्री सुविधाओं और परिचालन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा होगी। उनके लंबे इंजीनियरिंग और प्रशासनिक अनुभव से निर्माण विभाग को लाभ मिलने की उम्मीद है।